पटना : बिहार के सबसे बड़े सियासी परिवार की राजनीतिक विरासत संभालने के लिए आगे आये पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने आज से सूबे में संविधान बचाओ न्याय यात्रा पर निकले हैं. तेजस्वी ने निकलने पूर्व कुछ ऐसा ट्वीट कर दिया, जिससे वह विवाद में पड़ गये. तेजस्वी यादव ने गया में एक बच्ची के साथ हुई घटना के बाद उसका फोटो सार्वजनिक करने के साथ, उसका नाम का भी खुलासा कर दिया. उसके बाद महिला आयोग ने इस पर संज्ञान लेते हुए तेजस्वी यादव को नोटिस जारी किया है. राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य सुषमा साहू ने कहा है कि एक जिम्मेदार पद पर रह चुके व्यक्ति को इस तरह से पीड़ित बच्ची का नाम और फोटो सार्वजनिक नहीं करना चाहिए था. वहीं दूसरी ओर राजद ने तेजस्वी के इस ट्वीट को लेकर उनका बचाव किया है.
तेजस्वी ने आज अपने ट्वीट में कहा है कि गया में तीन मासूम बच्चों का अपहरण कर उनकी निर्मम हत्या कर दी गयी. नीतीश कुमार को सड़क मार्ग से आना था, लेकिन लोगों का विरोध देख हवाई मार्ग से भाग लिए. डरपोक बनकर जनता से दूर मत भागिये. सामना कीजिए साहब.
तेजस्वी ने आगे लिखा है कि नीतीश कुमार जी बिहार में प्रतिदिन हो रही अपहरण, लूट और हत्याओं की घटनाओं पर अपना मुंह खोलिये. मौनी बाबा मत बनिए. जगाइये अपनी अंतरात्मा को. मासूम बच्चों ने क्या बिगाड़ा है आपका? सुधारिए अपने भ्रष्ट प्रशासन और सोच को. शराबबंदी के हैंगओवर से बाहर निकलिये और सिस्टम को दुरुस्त कीजिए.
तेजस्वी ने कहा है कि 8 वर्षीय मासूम बच्ची को नीतीश संपोषित प्रशासन प्रायोजित दरिंदों ने पहले अपहरण किया फिर बेरहमी से देवी रूपी कन्या का बलात्कार किया फिर निर्ममता से उसकी हत्या कर दी. मुख्यमंत्री में इतनी भी मानवीय संवेदना नहीं कि गया में रहने के बावजूद उस बच्ची के परिवार से मिल सकते.
तेजस्वी ने ट्वीट में गया कि घटना के बारे में लिखा है कि गया में एक गरीब अति पिछड़े समाज की 8 वर्षीय बेटी का अपहरण कर दरिंदगी से बलात्कार कर दिया गया. सभ्य समाज के सभी लोगों को इस बच्ची के परिवार के साथ खड़ा होना होगा. कल किसी और की बच्ची होगी. हमें राजनीति से ऊपर उठकर सरकार से गंभीरता से सवाल करना होगा.
तेजस्वी यही नहीं रूके, उन्होंने आगे ट्वीट के जरिए नीतीश कुमार पर व्यक्तिगत रूप से हमला बोला है और कहा है कि बड़का समाज सुधारक बन रहे है. पहले अपने भ्रष्ट प्रशासन और लचर-पचर क़ानून व्यवस्था को तो सुधार लो साहब. नैतिक बाबू पहले लूट,अपहरण,हत्या,बलात्कार को ठीक करिए फिर समाज सुधारक का चोला पहनिए. अपने कुकृत्यों को छिपाने के लिए चोला बदलने से संत नहीं बन जाइयेगा. जनता गुंडाराज का आतंक नंगी आंखों से देख रही है. मासूम बच्चों की हत्या के बाद आश्रम भागियेगा, क्या?
तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को डरपोक तक कह दिया है और लिखा है कि देश में इतना डरपोक CM कहीं भी नहीं होगा, कोई भी नहीं होगा। गया में तीन मासूम बच्चों का अपहरण, फिर बलात्कार और अंत में हत्या कर दी गयी. लोगों के रोष और आक्रोश को देखकर सीएम हवाई अड्डे से ज़िला मुख्यालय तक भी जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाये. एयरपोर्ट पर ही बैठक कर उलटे पांव भाग लिए.
वहीं दूसरी ओर तेजस्वी के ट्वीट के बाद जदयू ने पलटवार किया है. जदयू विधान पार्षद सह प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी की न्याय यात्रा को लेकर हमला बोला है. नीरज कुमार ने कहा है कि अजब है तेरी माया, इसे कोई समझ न पाया. एक तरफ आपके पिताजी लालू यादव कोर्ट में फेरी लगाकर न्याय मांग रहे हैं, आपकी बहन मीसा भारती जी को भी बुलाहटा आ गया है और आप दागी युवराज जी न्याय यात्रा कर रहे हैं, यह कैसा विरोधाभास है ? आखिर आप सही या आपके पिता और राजनीतिक गुरु सही ? वहीं तेजस्वी की न्याय यात्रा पर तंज कसते हुए जदयू प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि इन्हें न्याय यात्रा नहीं बल्कि संपत्ति यात्रा, बेनामी संपत्ति यात्रा और धन यात्रा करनी चाहिए.
