पटना : एक ओर जहां लालू यादव को चारा घोटाले के अन्य मामले में सजा का एलान हुआ, वहीं दूसरी ओर तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर केंद्र सरकार के साथ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सीएम नीतीश कुमार पर हमला बोला है. तेजस्वी ने एक साथ कई ट्वीट किये हैं. तेजस्वी ने लिखा है कि मोहन भागवत बिहार आकर जांच-पड़ताल कर रहे है कि नीतीश के साथ चुनाव लड़ा जाये या नहीं और कब चुनाव कराया जाये? कुछ दिन पहले भाजपा के बिहार प्रभारी बिहार प्रवास पर थे. बिहार में दिसंबर 2018 तक लोकसभा के साथ-साथ विधानसभा चुनाव एकदम तय है.
तेजस्वी यादव ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव को समय से पहले कराने की संभावना पर ट्वीट करने के बाद नीतीश कुमार के आरक्षण के पक्षधर होने के मामले पर सवाल उठाया, तेजस्वी ने कहा कि अगर नीतीश कुमार आरक्षण के पक्षधर है तो बिहार में उनके 13 साल के कार्यकाल में हुए लाखों रिक्तियों के बैकलॉग को तुरंत भरें. जुबानी पकौड़े न उतारे. साहब, काम करिए काम.
उसके बाद तेजस्वी ने बिहार सरकार पर हमला बोला और कर्पूरी जयंती भाजपा द्वारा मनाने पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में डबल इंजन वाले ढोंगीयों की सरकार है. कर्पूरी ठाकुर को गाली देने वाले आज उनकी जयंती मनाने का अभिनय कर रहे है. अगर ये अति पिछड़ो के सच्चे हितैषी है तो कर्पूरी जी को भारत रत्न देने की हमारी पुरानी मांग को पूरा करें अन्यथा उनके नाम पर घड़ियाली आंसू बहाना बंद करो. धन्यवाद!
तेजस्वी ने कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर बिहार के मुख्यमंत्री से अपनी मांग रखी और कहा कि कर्पूरी ठाकुर जी की जयंती पर मै नीतीश जी से मांग करता हूं कि जननायक की जयंती पर 10 करोड़ तक के सरकारी ठेकों मे पिछड़ों/अतिपिछड़ों और महादलितों के लिए 70% आरक्षण की घोषणा करें. सरकार में रहते अनेको बार मैंने उनसे यह मांग की थी लेकिन नहीं सुना क्योंकि उन्हेंभाजपा संग जो जाना था.
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