पटना : लालू के छोटे बेटे और प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर केंद्र सरकार, नीतीश कुमार और मीडिया पर हमला बोला है. तेजस्वी ने ट्वीट कर लिखा है कि नीतीश सरकार के सहयोगी और केंद्रीय मंत्री कह रहे है कि नीतीश पर हमले जदयू के लोग ही करा रहे है, लेकिन कुछ बिकाऊ चैनल है कि उन्हें ऐसी खबरों से कोई लेना-देना नहीं. जदयू के तीन राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ गये लेकिन इनको कुछ टूट दिखाई नहीं देती. इन्हें तो बस गांधी जी दिखाई देते है. तेजस्वी ने मीडिया पर तंज भी कसा है.
एक अन्य ट्वीट में तेजस्वी ने कहा है कि नीतीश कुमार अब महादलितों को पिटवाने के बाद अपने बाहुबली विधायकों से बाबा साहेब की प्रतिमा और प्रतिमा स्थल पर कब्जा करवा रहे है. संघ की संगत का असर है.
वहीं आगे तेजस्वी ने कहा है कि अपने पिता से जब जेल में मिल रहा था, तब यह लेख लिखने वाले मिश्रा जी और सिन्हा जी जेल में बैठकर हवन और मंत्रोचार कर रहे थे. अपने संकीर्ण विचारों की नग्नता को ये इस चैनल के मार्फत प्रदर्शित कर रहे है. यह न्यूज नहीं इनका व्यूज है. जब शेर और शेर के बच्चे मिलते है तब रोते नहीं, शिकार करते है.
तेजस्वी ने आगे लिखा है कि आदरणीय लालू जी जेल में बंद है, उनके चाहने वाले को मिलने नहीं दिया जा रहा, फिर भी प्रतिदिन हजारों की संख्या में उनसे मिलने वालों का तांता जेल के बाहर क्यों लगा रहता है? ऐसा क्या है कि लालू यादव जी में? नीतीश कुमार और उनके आका मोदी को इस पर शोध करना चाहिए. राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि तेजस्वी के इस ट्वीट के बाद बिहार में राजनीतिक घमसान तेज होगा और विरोधी दलों की ओर से भी ट्वीट के जरिये हमला बोला जा सकता है.
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