बिहार : पुराने नियम से नहीं शुरू हुआ बालू कारोबार, व्यवसायी संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

पटना : बिहार में बालू को लेकर रार बरकरार है. सरकार की ओर से मुख्य सचिव ने बुधवार देर शाम को ही यह घोषणा कर दी थी कि बिहार में पुरानी नियमावली के तहत बालू की बिक्री होगी. उसके बाद भी राजद की ओर से बिहार बंद बुलाया गया. बंद की चारों ओर आलोचना भी […]

पटना : बिहार में बालू को लेकर रार बरकरार है. सरकार की ओर से मुख्य सचिव ने बुधवार देर शाम को ही यह घोषणा कर दी थी कि बिहार में पुरानी नियमावली के तहत बालू की बिक्री होगी. उसके बाद भी राजद की ओर से बिहार बंद बुलाया गया. बंद की चारों ओर आलोचना भी हुई. बताया जा रहा है कि उसके बाद भी पुरानी नीति से बालू का कारोबार शुरू नहीं हो सका है. विभाग अभी भी हाइकोर्ट और मुख्य सचिव के आदेश के बीच अटका हुआ है. वैसे सरकार के नये निर्देशों पर अमल की संभावना और तौर-तरीकों को लेकर खान एवं भूतत्व विभाग मेंगुरुवारको दिन भर बैठकों का दौर जारी रहा.

सूत्रों के अनुसार खनन निगम के बफर स्टॉक से बालू की निकासी के लिए कुछ चालान जारी हो रहे हैं पर ट्रांसपोटरों की हड़ताल के कारण उनकी ढुलाई कठिन हो गयी है. पुराने बंदोबस्तधारियों की शिकायत है कि विभाग पुरानी नियमावली को लागू करने से कतरा रहा है. जानकारी के मुताबिक लॉटरी द्वारा चुने गए दुकानों को भी खुदरा बिक्री का लाइसेंस नहीं मिल पाया है. उधर, विभाग का कहना है कि बालू कारोबारी और ट्रांसपोर्टर जीपीएस व ई- लॉक लगाना नहीं चाह रहे हैं. चूंकि इससे लघु खनिज की ओवरलो¨डग और अवैध खनन रोक लग जायेगी. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार विभाग ने साफ कर दिया है कि मुख्य सचिव के आदेश में भी खनन निगम के माध्यम से ही प्रमुखता से बालू का कारोबार कराने का निर्देश दिया गया है. उधर, खनन व भूतत्व मंत्री विनोद कुमार सिंह कहा कि राज्य सरकार माफियाओं से सख्ती से निपटेगी. अवैध खनन किसी कीमत पर नहीं होने दिया जायेगा.

इससे पूर्व, राजद की ओर से बिहार सरकार द्वारा 2017 में बनायी गयी नयी खनन नीति का विरोध हो रहा था. ट्रांसपोर्टरों के साथ मजदूरों और राजनीतिक दल भी इसका जमकर विरोध कर रहे थे. यह मामला जब पटना हाइकोर्ट पहुंचा, तो कोर्ट ने नयी नीति पर रोक लगा दी और उसके बाद सरकार ने निर्णय लिया कि पुराने नियम के अनुसार ही बालू का खनन होगा. बिहार सरकार की ओर से पूरे मामले को स्पष्ट कर दिया गया. गौरतलब है कि पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार के बालू, गिट्टी और मिट्टी के खनन, बिक्री और परिवहन के लिए बनाये गयेनये नियमों पर फिलहाल रोक लगा दी थी. कोर्ट ने पुराने नियमों के तहत काम करने का आदेश दिया था. इस आदेश के खिलाफ बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी. बिहार में अवैध बालू खनन पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने इस साल नये नियम बनाएं. इसे 10 अक्तूबर 2017 को बिहार गजट में प्रकाशित किया गया था. 14 नवंबर को बालू-गिट्टी का रेट जारी किया गया. लेकिन यह नया नियम खनन कंपनियों और ट्रांसपोर्टरों को पसंद नहीं आया.

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