मामला पद का दुरुपयोग कर लाखों रुपये गबन करने का
पटना : आरा के वीर कुंवर सिंह महाविद्यालय में लाखों के गबन के मामले में वर्तमान सचिव सुरेंद्र सिंह व पूर्व सचिव त्रिभुवन सिंह के खिलाफ निगरानी की विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल की गयी है. उक्त आरोप पत्र में निगरानी ने अनुसंधान के क्रम में पाया है कि अभियुक्तों ने आपसी षड्यंत्र कर अपने पद का भ्रष्ट रूप से दुरुपयोग कर अभिलेखों में कुटरचना व जालसाजी कर वर्ष 2006 से 2010 के बीच लाखों रुपये की अवैध निकासी कर गबन किया है. उक्त मामला उमाशंकर सिंह द्वारा पटना हाइकोर्ट में दाखिल किये गये रिट याचिका के आधार पर 21 जुलाई 2016 को दर्ज किया गया था.
मामले में तत्कालीन प्राचार्य श्रीराम ओझा, कार्यकारी प्राचार्य परमहंस तिवारी, कार्यालय सहायक अवधेश कुमार सिंह समेत पांच लोगों को अभियुक्त बनाया गया था. मामले में निगरानी ने सुरेंद्र सिंह व त्रिभुवन सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है. जबकि श्रीराम ओझा, परमहंस तिवारी, अवधेश कुमार सिंह के खिलाफ पूरक अनुसंधान जारी है. उक्त मामला जालसाजी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था.
विवि बताये, क्या कार्रवाई की गयी : हाइकोर्ट
आरा के वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालय में वित्तीय अनियमितता को लेकर दायर लोकहित याचिका पर पटना हाइकोर्ट ने गंभीरता दिखाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को यह बताने का निर्देश दिया कि एक मार्च, 2016 के अदालती आदेश के आलोक में क्या कार्रवाई की गयी है. चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन एवं जस्टिस डॉ अनिल कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने सुरेश सिंह की ओर से दायर लोकहीत याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया. अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद करने का निर्देश दिया.
