New Rail Line Bihar: बिहार में 1000 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाने का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है. इस काम को साल 2031 तक पूरा कर लेने का टारगेट सेट किया गया है. रेल लाइन से जुड़े प्रोजेक्ट को लेकर 2026-27 के बजट में लगभग 10,379 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे.
30 प्रोजेक्ट पर किए जायेंगे काम
जानकारी के मुताबिक, इस परियोजना में लगभग 30 प्रोजेक्ट पर काम किए जायेंगे. इसमें 20 रेल लाइन को डबल करने से लेकर 10 नई रेल लाइनों का निर्माण करना शामिल है. हाल में डीडीयू-पटना-झाझा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन के निर्माण की मंजूरी दी गई थी.
इसके साथ ही पुनारख-किऊल पर तीसरी और चौथी लाइन परियोजना की अनुमानित लागत 2668 करोड़ रुपए है. यह लगभग 49.57 किलोमीटर लंबी होगी, जो पटना और लखीसराय जिलों से होकर गुजरेगी. इसके बनने से तीसरी और चौथी लाइन से पटना-किऊल-झाझा सेक्शन पर भीड़ कम होगी और यात्रा समय में कमी आएगी.
क्या है परियोजना का उद्देश्य?
इन प्रोजेक्ट को पूरा करने को लेकर रेलवे बोर्ड की तरफ से पहले ही राशि दे दी गई है. डीपीआर तैयार होने के बाद आगे की राशि भी दे दी जाएगी. फिलहाल, बिहार में रेल लाइनों के दोहरीकरण का काम किया जा रहा है. इस परियोजना का उद्देश्य ट्रेन की (Frequency) को बढ़ाना, ट्रेनों के लेट होने की समस्या को दूर करना और इसके अलावा माल ढुलाई को मजबूत करना बताया जा रहा है.
ये सभी प्रोजेक्ट हैं शामिल
जानकारी के मुताबिक, समस्तीपुर-हसनपुर-खगड़िया रेल लाइन और सकरी-फारबिसगंज नई रेल लाइन के साथ-साथ इसका दोहरीकरण भी किया जाना है. ललितग्राम-वीरपुर नई रेल लाइन, औरंगाबाद-बिहटा रेल लाइन, आरा-सासाराम लाइन का विस्तार और फ्रेट कॉरिडोर कनेक्शन और पटना में रेल सुविधाओं को बढावा देने समेत अन्य प्रोजेक्ट भी शामिल हैं.
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