अब विधान परिषद की सीटों पर टिकी नजर

राज्यसभा चुनाव के लिए बिहार से खाली हाे रही सीटों को लेकर सभी दलीय उम्मीदवारों के नाम तय हो जाने के बाद अब नजर विधान परिषद की सीटों पर टिक गयी है.

पटना : राज्यसभा चुनाव के लिए बिहार से खाली हाे रही सीटों को लेकर सभी दलीय उम्मीदवारों के नाम तय हो जाने के बाद अब नजर विधान परिषद की सीटों पर टिक गयी है. इसी महीने के अंत में विधान परिषद की विधानसभा कोटे की नौ और शिक्षक व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की आठ सीटों के लिए चुनाव की घोषणा हाेनी है.

अगले महीने मनोनयन कोटे के 12 सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है. चुनाव और मनोनयन की सीटें भरी गयीं, तो मई महीने में विधान परिषद में कई नये चेहरे सामने आयेंगे. रोचक मुकाबला शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर है. पटना स्नातक की सीट पर मंत्री नीरज कुमार जदयू टिकट से एनडीए के उम्मीदवार होंगे.

शिक्षक और स्नातक सीटों के लिए दिलचस्प होगा मुकाबला : विधान परिषद में विधानसभा कोटे की नौ सीटों के लिए अगले महीने चुनाव होना है. फिलहाल जो सीटें खाली हो रही हैं, उनमें छह जदयू के और तीन सीटें भाजपा कोटे की हैं. मगर, विधानसभा में संख्या बल के आधार पर इस बार एनडीए पांच लोगों को ही विधान परिषद भेज सकेगा, जबकि राजद को तीन और एक सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार विधान परिषद पहुंच जायेंगे.

राजद और कांग्रेस के लिए यह नयी सीटें होंगी. जदयू और भाजपा में सीटों के बंटवारे में तीन और दो का फाॅर्मूला लागू होगा. दोबारा राज्यसभा नहीं जा पा रही जदयू नेत्री कहकशां परवीन के समर्थकों को विधान परिषद में मौका मिलने की उम्मीद है. वहीं, भाजपा से राज्यसभा में रिटायर हो रहे आरके सिन्हा के समर्थकों को भी विधान परिषद में जगह मिलने की उम्मीद है.

सूत्र बताते हैं कि अप्रैल महीने में ही राज्यपाल द्वारा मनोनीत किये गये 12 सदस्यों के कार्यकाल भी समाप्त हो रहे हैं. मनोनयन कोटे से फिर से सीटें भरी गयीं, ताे इसके लिए सात जदयू से, चार भाजपा से और एक लोजपा कोटे से सदस्यों को विधान परिषद भेजे जाने का फाॅर्मूला बन सकता है. ऐसी स्थिति में उपरी सदन पहुंचने के मन संजोये नेताओं को मनोनयन कोटे से जगह मिल सकती है.

परिस्थितियां बदली हुई हैं : हाल ही में चर्चा में आयी पुष्पम प्रिया चौधरी के पिता जदयू नेता विनोद चौधरी की दावेदारी से दरभंगा स्नातक सीट का होने वाला चुनाव भी रोचक होगा. यह सीट पिछली बार कांग्रेस के दिलीप चौधरी के हाथ आयी थी. जदयू के विनोद चौधरी दूसरे नंबर पर रहे थे. इस बार परिस्थितियां बदली हुई हैं. दिलीप चौधरी जदयू में शामिल हो चुके हैं. दूसरी ओर, विनोद चौधरी पिछले कई महीने से अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा कर मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं.

चुनाव लड़ने के सवाल पर विनोद चौधरी ने प्रभात खबर से कहा, दल अभी तय नहीं है, लेकिन हर हाल में चुनाव लड़ेंगे. राजद भी यहां से अपने उम्मीदवार उतारेगा. ऐसी स्थिति में दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए त्रिकाेणात्मक संघर्ष तय माना जा रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

Published by: Prabhat Khabar

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >