नये वर्ष में नीतीश कुमार करेंगे कानूनी प्रणाली को मजबूत, बिहार के 20 जिलों में बहाल होंगे पीपी, एपीसी, स्पेशल पीपी

जिन जिलों में जितनी स्पेशल अदालतें मौजूद हैं, उनमें सुनवाई के लिए भी स्पेशल पीपी होते हैं. इसका आकलन करके भी सभी जिलों को रिपोर्ट भेजनी है, ताकि स्पेशल पीपी की बहाली जरूरत के हिसाब से सभी जिलों में हो सके.

पटना. नये वर्ष में राज्य सरकार सभी जिलों में कानूनी प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए विशेष पहल करने जा रही है. इसके अंतर्गत जिन जिलों में पीपी (पब्लिक प्रोसिक्यूटर), एपीपी (सहायक पीपी) और स्पेशल पीपी का कार्यकाल पूरा हो गया है, उनमें इनका गठन नये सिरे से करने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है.

राज्य में ऐसे करीब 20 जिले हैं, जिनमें इन तीनों का कार्यकाल पूरा होने के बाद पद खाली पड़े हुए हैं. इसके अलावा कुछ जिले ऐसे भी हैं, जहां सिर्फ पीपी और स्पेशल पीपी का ही कार्यकाल पूरा हुआ है. सभी संबंधित जिलों को पीपी, एपीपी और स्पेशल पीपी के नाम का पैनल तैयार करके भेजने के लिए कहा गया है.

सभी जिलों को एक महीने के अंदर इससे संबंधित पैनल तैयार कर एक महीने के अंदर भेजने के लिए कहा गया है. सभी जिलों से नाम प्राप्त होने के बाद इनकी समुचित समीक्षा करके विधि विभाग अंतिम रूप से जिलावार पैनल का गठन करेगा.

प्रत्येक जिले में एक-एक पीपी होते हैं,जबकि प्रत्येक कोर्ट में तीन-तीन एपीपी का पद होता है. इसी तरह एक्ट या किसी विशेष कानून के आधार पर एक-एक स्पेशल पीपी को मनोनीत किया जाता है. स्पेशल एपीपी के कुल पदों में आधे पद अभियोजन सेवा के पदाधिकारियों और आधे पद वकील कोटा से भरे जाने का प्रावधान है.

इस आधार पर ही सभी जिलों में एपीपी के पदों को भरा जायेगा. अगर किसी जिले में दो या इससे ज्यादा कोर्ट हैं, तो वहां प्रत्येक कोर्ट में तीन एपीपी की बहाली होगी. वहीं, जिला स्तर पर मौजूद पाॅक्सो, एनडीपीएस व पीसी एक्ट समेत अन्य तरह के विशेष कानूनों से जुड़े मामलों में सरकार की तरफ से पक्ष रखने के लिए स्पेशल पीपी रखा जाता है.

हाल में 11 जिलों में पाॅक्सो के एक-एक अतिरिक्त अदालत खोली गयी हैं. इन जिलों में एक-एक अतिरिक्त स्पेशल पीपी मनोनीत होंगे. वर्तमान में सभी जिलों में एक-एक पाॅक्सो अदालत हैं. इनके अलावा जिन जिलों में जितनी स्पेशल अदालतें मौजूद हैं, उनमें सुनवाई के लिए भी स्पेशल पीपी होते हैं. इसका आकलन करके भी सभी जिलों को रिपोर्ट भेजनी है, ताकि स्पेशल पीपी की बहाली जरूरत के हिसाब से सभी जिलों में हो सके.

Posted by Ashish Jha

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >