पटना से कृष्ण कुमार की रिपोर्ट
Sand Ghat Auction: बिहार में बालू की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार नए बालू घाटों की पहचान कर उन्हें नीलामी की प्रक्रिया में लाने की तैयारी कर रही है. खान एवं भूतत्व विभाग ने सभी जिलों में ऐसे संभावित स्थलों की पहचान शुरू करने का निर्देश दिया है, जहां पर्याप्त मात्रा में बालू उपलब्ध है, लेकिन अब तक उन घाटों की नीलामी नहीं हुई है.
विभागीय सूत्रों के अनुसार, सबसे पहले हर एक जिले में संभावित बालू घाटों की लिस्ट तैयार की जाएगी. इसके बाद अधिकारियों की टीम संबंधित जगहों का स्थलीय निरीक्षण करेगी. निरीक्षण के दौरान बालू की उपलब्धता समेत अन्य जरूरी पहलुओं का आकलन किया जाएगा. रिपोर्ट तैयार होने के बाद संबंधित जिले की जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (DSR) में आवश्यक बदलाव किया जाएगा.
DSR में शामिल होंगे नए घाट
स्थलीय निरीक्षण में उपयुक्त पाए जाने वाले नए संभावित घाटों को जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा. इसके बाद इन घाटों को नियमानुसार नीलामी की प्रक्रिया में लाया जा सकेगा. विभाग का मानना है कि इस पूरी प्रक्रिया से राज्य में बालू घाटों की संख्या में करीब 10 से 12 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है.
निर्माण कार्यों के लिए बढ़ेगी उपलब्धता
नए घाटों को नीलामी के दायरे में लाने का सीधा असर बालू की उपलब्धता पर पड़ने की उम्मीद है. सरकार का उद्देश्य निर्माण कार्यों के लिए बालू की आपूर्ति को बेहतर करना और मांग के अनुरूप इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करना है. उपलब्धता बढ़ने से बाजार में बालू की आपूर्ति बेहतर हो सकती है, जिससे उचित कीमत पर बालू मिलने की संभावना भी बढ़ेगी.
सरकार के राजस्व में भी इजाफे की उम्मीद
नए बालू घाटों की नीलामी से सरकार को अतिरिक्त राजस्व मिलने की भी उम्मीद है. फिलहाल विभाग ने जिलों को संभावित स्थलों की पहचान का काम शुरू करने को कहा है. स्थलीय निरीक्षण और DSR में संशोधन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि राज्य में कितने नए घाट नीलामी के लिए उपलब्ध हो पाएंगे.
