Nepal Flood, मनोज गुप्ता, काठमांडू: नेपाल में आयी भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा की दोहरी मार अब आम लोगों की रसोई और जेब पर साफ दिखाई देने लगी है. राजधानी काठमांडू में पिछले दो दिनों में दैनिक उपभोग की वस्तुओं की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल आया है. बाढ़ के कारण प्रमुख राजमार्गों और संपर्क मार्गों के क्षतिग्रस्त होने से फल, सब्जी, मसाले, ड्राई फ्रूट्स और चीनी जैसी मूलभूत चीजों की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है.
काठमांडू स्थित सबसे बड़े फल एवं सब्जी बाजार कालीमाटी मंडी में बाहर से आनेवाली हरी सब्जियों और फलों की आयत काफी घट गयी है. काठमांडू में अधिकांश सब्जियों की आपूर्ति भारत से होती है. भारत से काठमांडू को जोड़नेवाला मुख्य मार्ग नारायणघाट बाढ़ के कारण बुरी तरह प्रभावित है, जिससे बड़े मालवाहक वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप पड़ा है. व्यापारी सुधीर कुमार गुप्ता के अनुसार, पहले जहां बड़ी गाड़ियों से एक बार में पर्याप्त मात्रा में सामान पहुंच जाता था.
जोखिम उठाकर की जा रही आपूर्ति
अब जोखिम उठाकर छोटी गाड़ियों के जरिये आपूर्ति की जा रही है. छोटी गाड़ियों से माल मंगाने पर परिवहन लागत और समय दोनों बढ़ गये हैं, जिसका सीधा असर खुदरा बाजार की कीमतों पर दिख रहा है.
नेपाल की दैनिक उपभोग की जरूरतों का बड़ा हिस्सा भारत और चीन से होनेवाले व्यापार पर टिका है. भारत में चीनी की कीमतों में हुए बदलाव और आपूर्ति मार्ग बाधित होने से काठमांडू के बाजारों में चीनी की किल्लत पैदा हो गयी है, जिससे इसके दामों में भी बढ़ोतरी हो गयी है.
व्यापारियों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में राजमार्गों और प्रमुख संपर्क मार्गों पर आवागमन बहाल कर दिया जाता है, तो सामान की आपूर्ति सामान्य होगी और कीमतों में स्थिरता आयेगी.
ड्राई फ्रूट्स व मसालों पर भी पड़ा बाढ़ का असर
सब्जियों के साथ-साथ मसालों और ड्राई फ्रूट्स के बाजार पर भी आपूर्ति संकट का असर देखा जा रहा है. चीन से आनेवाले ड्राई फ्रूट्स की उपलब्धता घटने से दामों में 100 से 150 रुपये प्रति किलो तक की तेजी आयी है.
किशमिश (चीन से आयातित): आपदा से पहले 600/किग्रा - अब 720/किग्रा
अखरोट (चीन से आयातित): आपदा से पहले 450/किग्रा-अब 600/किग्रा
पिस्ता: 3000/किग्रा से बढ़कर 3200/किग्रा
काजू व अन्य मेवे: 100 से 150 प्रति किग्रा तक की बढ़ोतरी
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रास्ते बंद, जगह-जगह फंसीं गाड़ियां
भारत से काठमांडू जानेवाले मुख्य व्यापारिक मार्ग नारायणघाट मार्ग पूरी तरह से बाधित है. इसके चलते भारत से नेपाल में होनेवाला सामान का निर्यात और आपूर्ति व्यवस्था थम गयी है. सड़कों के टूटने और जगह-जगह भूस्खलन होने के कारण बड़ी संख्या में मालवाहक ट्रक रास्तों में ही खड़े हैं.
बड़े वाहनों की आवाजाही ठप होने से सामान से लदी गाड़ियां गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रही हैं. इसी मजबूरी में व्यापारी छोटी गाड़ियों का सहारा ले रहे हैं. लेकिन, भारी मात्रा में माल रास्ते में अटका होने के कारण काठमांडू की मुख्य मंडियों तक आपूर्ति का संकट गहरा गया है.
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