दोषी कर्मियों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई

अभाविप ने पीएमसीएच अस्पताल प्रशासन से की मांग

अभाविप ने पीएमसीएच अस्पताल प्रशासन से की मांग

पीएमसीएच में व्यवस्था की बदहाली पर बिहार सरकार व अस्पताल प्रशासन पर उठाये सवाल

प्रतिनिधि, नवादा कार्यालय.

पटना मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल बिहार का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित सरकारी चिकित्सा संस्थान है, जो आज एक गहरी प्रशासनिक और नैतिक गिरावट का शिकार हो गया है. बीते कुछ समय से लगातार मरीजों और उनके परिजनों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार, चिकित्सीय लापरवाही और अस्पताल परिसर में व्याप्त अव्यवस्था से सभी परेशान हैं. रविवार को एक रेप पीड़िता को समय पर अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया.चार घंटे तक एंबुलेंस में इलाज के इंतजार में रहने के कारण उसकी स्थिति और बिगड़ गयी, जिसके परिणामस्वरूप उसकी मौत हो गयी. अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और असंवेदनशीलता के कारण पीड़िता को इलाज के लिए भर्ती नहीं लिया गया. इसके कारण उसकी असमय मृत्यु हो गयी. इस घटना से स्पष्ट होता है कि अस्पताल प्रशासन को पीड़िता के प्रति अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार होने की आवश्यकता थी. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद गहरी चिंता और आक्रोश व्यक्त करती है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश सह मंत्री शिव नारायण ने कहा कि मुजफ्फरपुर के कुढ़नी थाना क्षेत्र की रेप पीड़िता बच्ची की पटना मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल के असंवेदनशीलता के कारण मृत्यु हो गयी, जो बहुत दुखद है. अभाविप मृतका के प्रति शोक प्रकट करती है एवं परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करती है. अस्पताल प्रशासन इस मामले में जो भी दोषी है, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें. अस्पताल प्रशासन की लापरवाही और असंवेदनशीलता के कारण पीड़िता को जान गवानी पड़ी, जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों की बहुत कमी है. इसके कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. अस्पताल प्रशासन को तुरंत दूर करना चाहिए. उपकरणों की स्थिति भी बहुत खराब है. अस्पताल की व्यवस्था में सुधार की जाये. अस्पताल प्रशासन को मरीजों के प्रति अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार होने की आवश्यकता है. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने पीएमसीएच में व्यवस्था की बदहाली पर बिहार सरकार और अस्पताल प्रशासन को तत्काल ध्यान देने और इसे ठीक करने की मांग की है. पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल की स्थिति केवल एक अस्पताल की समस्या नहीं है, यह बिहार की स्वास्थ्य प्रणाली की दशा का आइना है. अगर, आज इसे नजरअंदाज किया गया, तो कल यही स्थिति अन्य सरकारी अस्पतालों में भी व्यापक रूप ले लेगी. आये दिन किसी न किसी की जान चली जायेगी. जब तक मरीजों को सम्मानजनक सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा नहीं मिलती है, तब तक अभाविप इस व्यवस्था के खिलाफ उचित मांग उठाते रहेगी.

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Author: VISHAL KUMAR

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