बरसात में बढ़ा सांपों का खतरा: एक सप्ताह में 15 सर्पदंश के मरीज पहुंचे सदर अस्पताल, वन विभाग की रेस्क्यू टीम अलर्ट

लगातार बारिश के कारण नवादा जिले में सर्पदंश की घटनाओं में वृद्धि हुई है. पिछले एक सप्ताह में 15 मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे. सदर अस्पताल में पर्याप्त एंटी-वेनम उपलब्ध है और वन विभाग की रेस्क्यू टीम भी सतर्क है.

Nawada News: लगातार हो रही बारिश के बीच नवादा जिले में सर्पदंश की घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. बरसात के मौसम में पानी भर जाने से सांपों के बिल डूब जाते हैं, जिसके कारण वे सुरक्षित ठिकाने की तलाश में घरों और इंसानी बस्तियों की ओर निकल आते हैं. इसी वजह से जिले में सर्पदंश के मामले भी बढ़ रहे हैं. राहत की बात यह है कि सदर अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में एंटी-वेनम उपलब्ध है और वन विभाग की रेस्क्यू टीम भी पूरी तरह सक्रिय है.

एक सप्ताह में 15 मरीज पहुंचे अस्पताल

सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एस.डी. आरेयर ने बताया कि पिछले एक सप्ताह, यानी शनिवार से सोमवार के बीच सर्पदंश के 15 मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे. सभी मरीजों का समय पर एंटी-वेनम देकर उपचार किया गया और उनकी हालत में सुधार होने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया. उन्होंने बताया कि अस्पताल में 100 से अधिक वायल एंटी-वेनम उपलब्ध हैं, इसलिए दवा की कोई कमी नहीं है.

झाड़-फूंक नहीं, तुरंत अस्पताल पहुंचें

डॉ. आरेयर ने लोगों से अपील की कि सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास के चक्कर में समय बर्बाद न करें. मरीज को बिना देर किए नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाएं, क्योंकि समय पर एंटी-वेनम मिलने से जान बचाई जा सकती है.

वन विभाग की रेस्क्यू टीम रहेगी मददगार

वन विभाग के पदाधिकारी श्रेष्ठ कुमार कृष्ण ने बताया कि बरसात के दिनों में यदि किसी घर, दुकान या मोहल्ले में सांप दिखाई दे तो लोग उसे पकड़ने या मारने की कोशिश न करें. इसकी सूचना तुरंत वन विभाग के रेंजर को दें. विभाग की सर्प रेस्क्यू टीम प्रशिक्षित तरीके से सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ती है.

इन सावधानियों से टालें खतरा

विशेषज्ञों के अनुसार घर और आसपास में घास-झाड़ियां न उगने दें, लकड़ियों या कबाड़ का ढेर घर के पास न रखें. रात में हमेशा टॉर्च का प्रयोग करें और अंधेरे में बिना देखे कहीं हाथ न डालें. घर की दीवारों व दरवाजों की दरारों को बंद रखें, ताकि सांप अंदर प्रवेश न कर सकें. बारिश के मौसम में थोड़ी सी सतर्कता और समय पर इलाज सर्पदंश जैसी गंभीर स्थिति से जीवन बचा सकता है.

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Author: Bablu kumar

Published by: Vikash Jha

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