ओवरलोडेड ट्रकों से नवादा में 10 साल पहले बनी सड़क गड्ढे में बदली, सरकारी ITI का रास्ता भी खत्म

नवादा में ओवरलोडेड बालू वाहनों ने करोड़ों की लागत से बनी सड़क और सरकारी ITI भवन के संपर्क मार्ग को पूरी तरह तबाह कर दिया है. जर्जर सड़क और कीचड़ से परेशान ग्रामीणों ने उग्र प्रदर्शन किया. प्रशासन की निष्क्रियता से लोग आक्रोशित हैं.

Nawada News : नवादा में ओवरलोडेड बालू वाहनों ने करोड़ों की लागत से बनी सड़क और सरकारी आइटीआई भवन के संपर्क मार्ग को पूरी तरह तबाह कर दिया है. मामला रजौली प्रखंड के सिमरकोल-अमावां मार्ग का है. जर्जर सड़क और दो फीट गहरे कीचड़ से आक्रोशित ग्रामीणों ने शुक्रवार को बालू लदे ट्रैक्टरों और भारी वाहनों को घंटों तक रोककर उग्र प्रदर्शन किया.

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10 साल में बदला सड़क का हाल

साल 2016 में निर्मित इस ग्रामीण सड़क के क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ आइटीआइ के छात्रों और शिक्षकों का आवागमन लगभग ठप हो गया है. ग्रामीणों के अनुसार, बालू घाट के पास नया कांटा लगने के बाद से ट्रैक्टर, हाइवा और ट्रक जैसे भारी वाहन इसी ग्रामीण सड़क से गुजर रहे हैं. 10 टन से कम क्षमता वाली इस सड़क पर ओवरलोडेड वाहनों के चलने से यह बड़े गड्ढों और कीचड़ में बदल गयी है.

हाल ही में ग्रामीणों के विरोध के बाद गड्ढों में नदी के पत्थर डाले गये थे, लेकिन 24 घंटे के भीतर भारी वाहनों ने स्थिति को और बदतर कर दिया. खराब रास्ते के कारण रोजाना बाइक और साइकिल सवार दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं और स्कूली वाहन भी खतरे की जद में हैं.

कीचड़ में फंसे वाहन को निकालता पोकलेन| Prabhat Khabar Network

करोड़ों का आईटीआई भवन, लेकिन रास्ता नहीं

सिमरकोल-अमावां मुख्य मार्ग से सरकारी आईटीआई की दूरी लगभग 500 मीटर है. बिहार सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की लागत से बनाये गये इस संस्थान और छात्रावास तक जाने के लिए सड़क पर दो फीट गहरा कीचड़ जमा है. स्थिति यह है कि छात्रों और शिक्षकों को खेतों की पगडंडियों का सहारा लेना पड़ रहा है. इस मार्ग पर दोपहिया वाहनों का चलना भी असंभव हो चुका है.

महिलाओं-बच्चों को भी हो रही परेशानी

ग्रामीण सावित्री देवी, सुगिया देवी, संगिरा देवी, चिंता देवी, चमेली देवी, लालो देवी समेत दर्जनों महिलाओं ने कहा कि रजौली आईटीआई के बगल में बालू घाट है. बालू घाट से बालू लादकर जाने वाले भारी वाहनों ने रास्ते को इतना खराब कर दिया है कि उनका घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है. घर से साफ सुथरा कपड़ा पहनकर लोग निकलते हैं, लेकिन गांव में ही कीचड़ से कपड़े खराब हो जाते हैं.

कीचड़युक्त सड़क में चलने से लोग गिरकर गंदे और घायल हो रहे हैं. महिलाओं के साथ साथ स्कूली बच्चों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

प्रशासन को शिकायत, लेकिन कार्रवाई शून्य

सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों ने 15 दिन पहले प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को लिखित आवेदन दिया था. इसके बावजूद अब तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने स्थल का मुआयना नहीं किया है. बालू ठेकेदारों से की गयी शिकायतें भी बेअसर रही हैं. शुक्रवार को प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि ओवरलोडेड वाहनों पर रोक लगाकर सड़क की मरम्मत नहीं की गयी, तो वे उग्र और चरणबद्ध आंदोलन करेंगे.

आक्रोशित ग्रामीण | Prabhat Khabar Network

क्या कहते हैं Nawada के जिम्मेदार अधिकारी

सिमरकोल के ग्रामीण द्वारा सहयोग शिविर के दौरान लिखित शिकायत मिला है. मामले का निष्पादन वरीय पदाधिकारियों द्वारा किया जाना है. बीडीओ ने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं. - संजीव झा, बीडीओ
ग्रामीण सड़क पर 10 टन से अधिक भारी वाहन चलने पर सड़क तेजी से क्षतिग्रस्त होती है. उन्होंने सड़क का सर्वे करवाकर अपग्रेड करने की बात कही है. साथ ही उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जानकारी लेकर अग्रतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. - मनोज कुमार, कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग

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By कुमार मनीष देव

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