Nawada News : नवादा जिले के रजौली प्रखंड के नियोजित शिक्षकों ने वर्षों से लंबित प्रोन्नति और वरीयता के मुद्दे को लेकर एक बार फिर आवाज बुलंद की है. शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उन्हें आज भी अपने ही विद्यालयों में कनिष्ठ शिक्षकों की तरह कार्य करना पड़ रहा है.
2006 से सेवा दे रहे शिक्षक अब भी प्रमोशन से वंचित
शिक्षकों के अनुसार वर्ष 2006 में शिक्षा मित्र से नियोजित शिक्षक बने कई शिक्षक आज भी पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं. उनका कहना है कि प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में वर्षों तक योगदान देने के बावजूद उन्हें वरीयता का लाभ नहीं मिल सका है.
नई बहाली के शिक्षक बने वरिष्ठ, पुराने शिक्षक पीछे
शिक्षकों ने बताया कि शिक्षा विभाग के अपर सचिव द्वारा 22 नवंबर 2025 को जारी ज्ञापांक 07/प्रो-03-08/2025-4207 में वरीयता और प्रोन्नति को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए थे. इसके बावजूद वर्ष 2022 और हाल में बीपीएससी के माध्यम से नियुक्त स्नातक ग्रेड के शिक्षक प्रशासनिक व्यवस्था में उनसे ऊपर हो गए हैं.
हाईकोर्ट से आदेश मिलने के बाद भी नहीं हुआ समाधान
शिक्षकों का कहना है कि न्याय की मांग को लेकर उन्होंने पटना हाईकोर्ट में सीडब्ल्यूजेसी संख्या 1673/2025 दायर की थी, जिसमें उनके पक्ष में आदेश भी मिला. बावजूद इसके अब तक उनकी प्रोन्नति और वरीयता संबंधी समस्या का समाधान नहीं हो सका है.
शिक्षक नेता ने अधिकारियों से की हस्तक्षेप की मांग
शिक्षक नेता अजीत कुमार ने स्थापना डीपीओ, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, प्राथमिक शिक्षा निदेशक तथा जनप्रतिनिधियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के साथ न्याय होना चाहिए और उन्हें नियमानुसार प्रोन्नति एवं वरीयता का लाभ जल्द दिया जाना चाहिए.
