नवोत्साह साहित्य संगम ने आयोजित की श्रद्धांजलि सभा सह काव्य गोष्ठी
दिनकर की कालजयी रचनाओं के पाठ से गूंजा बुधौल का सभागारकैप्शन- दिनकर की पुण्यतिथि पर आयोजित गोष्ठी में शामिल कवि.
प्रतिनिधि, नवादा कार्यालयनवोत्साह साहित्य संगम जिला इकाई द्वारा राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि के अवसर पर बुधौल स्थित कोशिश फाउंडेशन के सभागार में श्रद्धांजलि सभा सह काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत प्रांतीय अध्यक्ष उत्पल भारद्वाज, जिला संरक्षिका प्रो वीणा मिश्रा और जिलाध्यक्ष नितेश कपूर ने दिनकर जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर की. अपने संबोधन में उत्पल भारद्वाज ने दिनकर जी को हिंदी साहित्य का वास्तविक सूर्य बताया जो युगों तक चमकता रहेगा. उन्होंने ”दिनकरनामा” की स्मृतियों को साझा करते हुए अपने दादा स्व. डॉ. नागेंद्र प्रसाद शर्मा और मुकुल बढ़ईया के साथ दिनकर जी के सानिध्य की चर्चा की. मंच संचालन कर रहे युवा कवि नितेश कपूर ने उन्हें साहित्य का ”कोहिनूर” बताते हुए उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया. प्रो वीणा मिश्रा ने दिनकर जी की कविताओं के माध्यम से उन्हें नमन किया.
काव्य पाठ से कवियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दूसरे सत्र में आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. द्वारिका प्रसाद ने हिंदी साहित्य के सचमुच सूर्य हलथीन दिनकर जी… कविता से खूब तालियां बटोरीं. गौतम कुमार सरगम ने लोग गुजर रहे, मैं भी गुजर जाऊंगा.. की प्रस्तुति से भावुक कर दिया. प्रो वीणा मिश्रा ने ”रश्मिरथी” के ओजस्वी पाठ से माहौल में जोश भर दिया. कुणाल कुमार व श्याम सुंदर ने दिनकर जी की प्रसिद्ध कविताओं और महिला सशक्तीकरण पर अपनी बात रखी. कार्यक्रम के सफल आयोजन में सदस्य रंजन कुमार, रमेश खन्ना, मनीष पांडे और दयानंद प्रसाद गुप्ता का महत्वपूर्ण योगदान रहा. समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया.
