नवादा मंडल कारा में विचाराधीन बंदी की संदिग्ध मौत, गमछे के सहारे फांसी लगाने का दावा

नवादा मंडल कारा में पॉक्सो एक्ट के तहत विचाराधीन एक बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. जेल प्रशासन का दावा है कि बंदी ने गमछे से फांसी लगाकर आत्महत्या की. इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

नवादा: नवादा मंडल कारा में बुधवार दोपहर एक विचाराधीन बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. जेल प्रशासन का कहना है कि बंदी ने कथित रूप से गमछे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. घटना के बाद जेल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई. आनन-फानन में बंदी को सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है.

पॉक्सो एक्ट के मामले में न्यायिक हिरासत में था बंदी

मृतक की पहचान 20 वर्षीय घनश्याम कुमार उर्फ दुलार चंद उर्फ घनश्याम चौहान के रूप में हुई है. वह मेसकौर थाना क्षेत्र के महाराजवन गांव का रहने वाला था. पुलिस के अनुसार, वह मेसकौर थाना कांड संख्या 97/25 में नामजद अभियुक्त था और पॉक्सो एक्ट से जुड़े एक मामले में 15 मई 2025 से न्यायिक हिरासत में नवादा मंडल कारा में बंद था.

जेलकर्मियों ने अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

जेल प्रशासन के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब तीन बजे बंदी के फंदे से लटके होने की जानकारी मिली. ड्यूटी पर तैनात जेलकर्मियों ने तत्काल उसे नीचे उतारा और इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.

सामूहिक दुष्कर्म के मामले में हुई थी गिरफ्तारी

पुलिस के मुताबिक, मेसकौर थाना क्षेत्र के महाराजवन गांव के समीप एक नाबालिग लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में घनश्याम कुमार को गिरफ्तार किया गया था. पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर डायल-112 और मेसकौर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया था. न्यायालय के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में मंडल कारा भेजा गया था.

जेल अधीक्षक ने की घटना की पुष्टि

जेल अधीक्षक बृजेश सिंह मेहता ने बताया कि बंदी ने मंडल कारा की छत पर जाने वाली सीढ़ी की रेलिंग में गमछा बांधकर कथित रूप से फांसी लगा ली. सूचना मिलते ही जेलकर्मियों ने उसे नीचे उतारकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी.

जांच में जुटी पुलिस, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना की सूचना मिलने के बाद नगर थाना पुलिस, जेल प्रशासन और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा यूडी केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.

इस घटना के बाद मंडल कारा की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं. कड़ी निगरानी के बीच विचाराधीन बंदी को आत्मघाती कदम उठाने का अवसर कैसे मिला, इसकी जांच की जा रही है. जेल प्रशासन ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज, ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की भूमिका और घटना की परिस्थितियों की विस्तृत जांच कराई जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी.

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Author: Vishal kumar

Published by: Vivek Ranjan

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