Nawada teachers protest: बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू के आह्वान पर मंगलवार को प्रदेश के अन्य हिस्सों की तरह रजौली प्रखंड में भी शिक्षकों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध जताया. प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में नये और पुराने सभी शिक्षकों ने काला बिल्ला लगाकर सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का आगाज किया.
पूर्ण वेतनमान और पुरानी पेंशन समेत कई मांगें
शिक्षकों की प्रमुख मांगों में राज्यकर्मी के समान पूर्ण वेतनमान, प्रोन्नति, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू करना और नियोजित शिक्षकों के बकाया वेतन का अविलंब भुगतान शामिल है.
प्रखंड शिक्षक नेता अजित कुमार समेत अन्य शिक्षकों ने कहा कि सरकार और शिक्षा विभाग की नीतियों से शिक्षक परेशान हैं. अब आंदोलन ही एकमात्र विकल्प बचा है. शिक्षकों का कहना है कि उन्हें केवल राज्यकर्मी शब्द से सुशोभित किया गया है, जबकि वेतनमान में कटौती कर उन्हें चाइनीज वेतनमान दिया जा रहा है. इससे शिक्षक हतोत्साहित हैं.
कम वेतन से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे नये शिक्षक
कई नये शिक्षकों ने कहा कि कम वेतन के कारण वे अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं. बेहतर वेतन वाली नौकरी मिलने पर वे शिक्षक पद छोड़कर दूसरी जगह योगदान दे रहे हैं. शिक्षकों का कहना है कि इससे शिक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है.
एनपीएस और यूपीएस को लेकर भी जतायी नाराजगी
शिक्षकों ने जनप्रतिनिधियों और अपनी सेवा की तुलना करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि पांच साल के लिए चुने जाते हैं और उन्हें आजीवन पेंशन मिलती है. वहीं शिक्षक 60 साल तक सेवा देने के बाद भी एनपीएस और यूपीएस के नाम पर खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. शिक्षकों ने इसे अपने साथ अन्याय बताया.
मांगें पूरी नहीं हुईं तो तेज होगा आंदोलन
प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष की मांगों को मजबूती देने के लिए 1 सितंबर को सभी विद्यालयों में काला बिल्ला लगाकर कार्य किया गया. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में मांगें पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन को और तेज किया जायेगा.
इस मौके पर चंदन कुमार, संतोष कुमार, अनिरुद्ध कुमार, पूजा कुमारी, विनीता कुमारी, अनिल सिंह, राकेश सिंह, जितेंद्र कुमार, मिथलेश कुमार, विकास राजवंशी, बबीता कुमारी समेत सैकड़ों शिक्षकों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया.
