Nawada News: रजौली प्रखंड अंतर्गत फुलवरिया जलाशय डैम तथा लोमंच ऋषि और याज्ञवल्क्य ऋषि से जुड़े पौराणिक, धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन के मानचित्र पर विकसित करने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर पहल तेज हो गई है. बुधवार को पंचायती राज विभाग, पर्यटन विभाग तथा कला एवं संस्कृति विभाग की संयुक्त टीम ने इन स्थलों का विस्तृत सर्वेक्षण किया.
ड्रोन कैमरे से रिकॉर्ड किए गए फोटो और वीडियो
महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत ग्लोबल मीडिया टीम और मंत्रालय से पहुंचे बिपिन कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने अत्याधुनिक ड्रोन कैमरे की मदद से पूरे क्षेत्र की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड किए. साथ ही सड़क संपर्क, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन विकास के लिए आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का भी बारीकी से आकलन किया.
राजगीर और ककोलात की तर्ज पर होगा विकास
प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी हरीमोहन कुमार ने बताया कि विभागीय योजना के तहत फुलवरिया जलाशय डैम, लोमंच ऋषि और याज्ञवल्क्य ऋषि स्थलों को राजगीर और ककोलात की तर्ज पर विकसित करने की तैयारी की जा रही है. इसका उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना है.
स्थानीय लोगों से ली ऐतिहासिक जानकारी
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से इन स्थलों के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की जानकारी भी प्राप्त की. इस दौरान पूर्व मुखिया विनय सिंह, समाजसेवी मुन्ना सिंह समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे.
पर्यटन विकास से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि परियोजना के धरातल पर उतरने से क्षेत्र में पर्यटन को नई पहचान मिलेगी. साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, छोटे कारोबार को बढ़ावा मिलेगा और फुलवरिया जलाशय डैम तथा ऋषि स्थलों की पहचान राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी.
