Nawada News (आशुतोष कुमार): नवादा जिले के धमौल चौकीदार हत्याकांड में आखिरकार पुलिस को वह बड़ी सफलता मिल गई है, जिसका इंतजार पूरे महकमे को था. चौकीदार जितेंद्र पासवान की निर्मम हत्या मामले का मुख्य अभियुक्त रामपत यादव अब कानून के शिकंजे में है. नवादा पुलिस ने शेखपुरा जिला अंतर्गत चेवाड़ा क्षेत्र से उसे सटीक सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है. सोमवार को जिला पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक (SP) ने इस पूरे मामले का सनसनीखेज खुलासा किया.
तकनीकी सर्विलांस और 72 घंटे की घेराबंदी से मिली सफलता
एसपी ने बताया कि इस अंधे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी सर्विलांस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के संयुक्त प्रयास से आरोपी तक पहुंच बनाई गई. पुलिस की कई विशेष टीमों द्वारा लगातार की जा रही छापेमारी और 72 घंटे की कड़ी घेराबंदी के बाद मुख्य आरोपी को दबोचा जा सका. पूछताछ में आरोपी रामपत यादव ने घटना में अपनी संलिप्तता पूरी तरह स्वीकार कर ली है.
पुराने विवाद में 3-4 दिनों तक की थी चौकीदार की रेकी
पकड़े गए मुख्य आरोपी ने पुलिस को बताया कि पुराने विवाद को लेकर वह चौकीदार जितेंद्र पासवान के प्रति मन में गहरी द्वेष भावना रखता था. हत्या की वारदात से तीन-चार दिन पहले से ही वह चौकीदार की हर गतिविधि पर नजर रख रहा था और लगातार उसकी रेकी कर रहा था. इसके बाद बीते 10 मई को जैसे ही मौका मिला, उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर चौकीदार की बेरहमी से हत्या कर दी.
मुखिया पुत्र समेत दो आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल
वर्दीधारी कर्मी की इस निर्मम हत्या ने पूरे पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया था. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले ही स्थानीय मुखिया रामरूप प्रसाद यादव के पुत्र शशिभूषण कुमार उर्फ भूषण कुमार समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. अब मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस हत्याकांड की कड़ियों को और मजबूती से जोड़ने में जुट गई है और रामपत यादव को भी जेल भेजने की तैयारी चल रही है.
