Nawada News: नवादा जिसे के अकबरपुर प्रखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाने की योजना धरातल पर दम तोड़ती नजर आ रही है. फर्जी हाजिरी पर लगाम लगाने के लिए सभी प्रारंभिक, हाई और इंटर स्कूलों को टैबलेट उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन महीनों बाद भी अधिकांश स्कूलों में बच्चों की डिजिटल हाजिरी शुरू नहीं हो सकी है.
फरवरी में ही जारी हुआ था आदेश
90 फीसदी प्रारंभिक स्कूलों में टैबलेट केवल शो-पीस बनकर रह गये हैं. बीइओ विधानंद कुमार ने बताया कि प्रखंड के 1340 शिक्षकों में से 1281 ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है. वहीं, कुल नामांकित 29,250 बच्चों में से अब तक केवल 10,144 छात्रों का ही रजिस्ट्रेशन हो पाया है. फरवरी 2026 में ही शिक्षकों और छात्रों की टैबलेट से हाजिरी अनिवार्य करने का आदेश जारी हुआ था, लेकिन अप्रैल में नया सत्र शुरू होने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है.
हाजिरी न बनने के मुख्य कारण
टैबलेट से दूरी के पीछे कई तकनीकी और व्यावहारिक कारण सामने आ रहे हैं. पहला कारण यह है कि अधिकांश शिक्षक टैबलेट चलाने में सक्षम नहीं हैं और स्कूलों में कंप्यूटर टीचर का अभाव है. दूसरा बड़ा कारण ‘जियो टैगिंग’ माना जा रहा है. टैबलेट से हाजिरी बनाने के लिए स्कूल परिसर में होना अनिवार्य है, जबकि मोबाइल ऐप के जरिए कई शिक्षक बिना स्कूल पहुंचे भी उपस्थिति दर्ज करने का खेल खेल रहे हैं. इसी पारदर्शिता के डर से हाईटेक व्यवस्था को लागू करने में देरी की जा रही है.
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