Nawada News : (पप्पू कुमार प्रभाकर) नवादा जिले के सिरदला प्रखंड में जनवितरण प्रणाली से जुड़े कथित राशन घोटाले का बड़ा मामला सामने आया है. बड़गांव पंचायत के अमोखरी गांव में जनवितरण विक्रेता पर फर्जी आधार सीडिंग कर गरीबों के हिस्से का खाद्यान्न उठाने का गंभीर आरोप लगा है.
बिना राशन दिए ई-पॉश मशीन में उठाव दिखाया
आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल ने आरोप लगाया है कि फरवरी 2026 में करीब 80 लाभुकों के नाम पर बिना राशन वितरण किए ही ई-पॉश मशीन में खाद्यान्न उठाव दर्शा दिया गया. यह मामला जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय, नवादा में दर्ज परिवाद संख्या-436110104052603777 से जुड़ा हुआ है. जिला आपूर्ति पदाधिकारी के निर्देश पर प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा की गई जांच में कई अनियमितताओं की पुष्टि हुई है. जांच प्रतिवेदन अग्रेतर कार्रवाई के लिए अनुमंडल पदाधिकारी रजौली को भेज दिया गया है.
जांच में सामने आईं कई गड़बड़ियां
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि राशन कार्ड संख्या-10350130081014500076, जो रुक्मिणी देवी के नाम से जारी था, उसमें वास्तविक लाभुक का आधार लिंक नहीं कर जनवितरण विक्रेता द्वारा अपना ही आधार सीडिंग कर खाद्यान्न उठाव किया जा रहा था.
इसके अलावा एक ही परिवार के नाम पर तीन अंत्योदय राशन कार्ड संचालित होने का मामला भी सामने आया है, जिसे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 का उल्लंघन माना गया है.
कालाबाजारी का आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग
आरटीआई कार्यकर्ता प्रणव कुमार चर्चिल ने आरोप लगाया कि गरीबों के हिस्से का अनाज फर्जी तरीके से उठाकर कालाबाजारी की गई. उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, आर्थिक अपराध का मुकदमा दर्ज करने और दोषियों की संपत्ति की जांच कराने की मांग की है.
लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट में जनवितरण विक्रेता विरेन्द्र सिंह की अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) रद्द करने, उठाव किए गए खाद्यान्न की राशि की वसूली करने तथा संबंधित राशन कार्डों को रद्द करने की अनुशंसा की है. साथ ही तत्कालीन कार्यपालक सहायक संतोष कुमार से भी कारणपृच्छा कर विभागीय कार्रवाई करने की बात कही गई है. मामला सामने आने के बाद सिरदला प्रखंड में जनवितरण प्रणाली की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
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