द्रविड़ शैली में बना नवादा का गोवर्धन मंदिर जहां शाम की आरती देखने उमड़ते हैं लोग

अगर आप नवादा में हैं और शांति के साथ-साथ अद्भुत वास्तुकला का अनुभव करना चाहते हैं, तो गोवर्धन मंदिर जाएं.

Nawada News : अगर आप नवादा में हैं और शांति के साथ-साथ अद्भुत वास्तुकला का अनुभव करना चाहते हैं, तो गोवर्धन मंदिर से बेहतर कोई विकल्प नहीं है. भगवान राधा-कृष्ण को समर्पित यह भव्य मंदिर अपनी उत्कृष्ट दक्षिण भारतीय (द्रविड़) स्थापत्य शैली के लिए पूरे दक्षिण बिहार में विख्यात है. सिर्फ इसकी बनावट ही नहीं, बल्कि यहां शाम के समय होने वाली आरती भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र है. आइए जानते हैं इस मंदिर की खासियत और शहर में आज होने वाले प्रमुख आयोजनों का पूरा शेड्यूल.

द्रविड़ शैली का अद्भुत नमूना

नवादा का गोवर्धन मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ बेहतरीन आर्किटेक्चर का प्रतीक है. यह पूरे क्षेत्र में अपनी अनूठी द्रविड़ वास्तुकला के लिए जाना जाता है, जो इसे बिहार के अन्य मंदिरों से अलग खड़ा करता है.

महा संध्या आरती का विशेष महत्व: मंदिर में वैसे तो प्रतिदिन सुबह और शाम आरती होती है, लेकिन शाम की ‘महा संध्या आरती’ का अनुभव बेहद खास होता है. इस महा आरती में शामिल होने के लिए हर रोज सैकड़ों श्रद्धालु जुटते हैं. रात ढलते ही रंग-बिरंगी आकर्षक लाइटों की रोशनी में मंदिर की भव्यता और भी निखर उठती है, जो यहां आने वालों को मंत्रमुग्ध कर देती है.

आज के प्रमुख कार्यक्रम

अगर आप शहर के आज के रूटीन और कार्यक्रमों में शामिल होना चाहते हैं, तो शेड्यूल इस प्रकार है:

  • सुबह का कार्यक्रम (5:00 बजे): स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए सुबह 5 बजे से शहर के विभिन्न स्थानों पर सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन किया जा रहा है.
  • शाम का कार्यक्रम (6:00 बजे): गोवर्धन मंदिर परिसर में भव्य महा आरती का आयोजन, जिसमें श्रद्धालु शामिल होकर दर्शन लाभ ले सकते हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: PRANJAL PANDEY

मूल रूप से गोपालगंज के रहनेवाले प्रांजल पांडेय के पास पत्रकारिता का 13 वर्षों का विस्तृत अनुभव है. पिछले 12 वर्षों से प्रभात खबर से जुड़े प्रांजल, फील्ड रिपोर्टिंग और कंटेंट राइटिंग के विशेषज्ञ हैं. इसके अलावा राजनीति, खेल और सिनेमा पर भी इनकी गहरी पकड़ है.

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