Nawada News: बहन के लिए न्याय की लड़ाई लड़ते-लड़ते एक भाई की ही जान चली गयी. रजौली थाना क्षेत्र के जोगियामारण पंचायत के केंदुआ गांव निवासी 28 वर्षीय नंदू यादव का शव शनिवार की दोपहर नरहट थाना क्षेत्र के हासापुर गांव के पास रेलवे लाइन के किनारे झाड़ियों में मिला. मृतक के परिजनों ने बहन के ससुराल पक्ष पर हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाया है.
घटना की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गयी. स्थानीय लोगों ने शव का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. सूचना पर नरहट थानाध्यक्ष एसआई गौतम कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया. फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाये. रविवार को परिजनों ने नंदू का अंतिम संस्कार कर दिया.
डीआईजी से मिलने जा रहा था, रास्ते में हत्या की साजिश का आरोप
मृतक के भाई गुड्डू कुमार ने बताया कि चार साल पहले उनकी इकलौती बहन विनीता कुमारी की शादी नेमदारगंज थाना क्षेत्र के जलालपुर गांव निवासी दयानंद यादव के पुत्र सोनू कुमार से हुई थी. शादी में छह लाख रुपये नकद, बाइक और सोना दिया गया था. वर्ष 2025 के अंत में गौना हुआ और इसके बाद विनीता अपने ससुराल में रह रही थी.
गुड्डू का आरोप है कि सोनू क्लिनिक खोलने के नाम पर दो लाख रुपये और दहेज की मांग कर रहा था. इसी मांग को लेकर 28 अप्रैल 2026 को ससुराल वालों ने विनीता की हत्या कर दी. इस मामले में गुड्डू ने सास-ससुर, देवर, ननद समेत आठ लोगों के खिलाफ नेमदारगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
परिजनों के अनुसार, प्राथमिकी दर्ज होने के बाद विनीता के ससुराल वाले केस उठाने की धमकी भी देते थे. गुड्डू ने आरोप लगाया कि पुलिस की सुस्त कार्रवाई से परेशान होकर नंदू शनिवार को डीआईजी से मिलने जा रहा था. इसी दौरान बहन के ससुर दयानंद यादव, देवर प्रवेश कुमार और ननदोई धनंजय कुमार ने साजिश रचकर नंदू की हत्या कर दी और शव को नरहट के हासापुर में फेंक दिया.
पत्नी और दो मासूम बेटों को छोड़ गया नंदू
नंदू अपने पीछे पत्नी बिंदु कुमारी और दो मासूम बेटों कृष (7 वर्ष) व सुधांशु (4 वर्ष) को छोड़ गया है. नंदू के भाई आनंदी और गुड्डू का भी रो-रोकर बुरा हाल है. परिजन आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और सजा की मांग कर रहे हैं.
पुलिस ने कहा- आवेदन मिलने पर होगी कार्रवाई
नेमदारगंज थानाध्यक्ष एसआई रंजीत कुमार ने बताया कि विनीता हत्याकांड में आठ लोगों को नामजद किया गया था. मुख्य अभियुक्त पति सोनू कुमार जेल में है. दो अभियुक्त जमानत पर हैं, दो जांच के दायरे में हैं और तीन के खिलाफ जारी वारंट पर हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है.
वहीं, नरहट थानाध्यक्ष एसआई गौतम कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है. लिखित आवेदन मिलने पर नंदू यादव हत्याकांड में अग्रतर कार्रवाई की जायेगी. रजौली प्रभारी एसडीपीओ मो. शाहनवाज अख्तर ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में शव मिलने की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि आवेदन प्राप्त होते ही मामले की जांच कर कार्रवाई की जायेगी.
बहन के बाद भाई की मौत से उठे सवाल
एक तरफ बहन के लिए न्याय की मांग को लेकर संघर्ष कर रहा भाई और दूसरी तरफ उसकी ही मौत. इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. परिजनों का आरोप है कि यदि पहले ही आरोपितों की गिरफ्तारी हो गयी होती, तो शायद नंदू आज जिंदा होता. अब पुलिस के समक्ष नंदू की मौत की गुत्थी सुलझाने और परिजनों के आरोपों की जांच करने की चुनौती है.
