राजकीय मध्य विद्यालय कोयरीबिगहा, अकबरपुर में शनिवार को निदेशक प्राथमिक शिक्षा, बिहार एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, नवादा के निर्देशानुसार अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाध्यापक नरेंद्र कुमार नलिन ने की. संगोष्ठी का मुख्य विषय समावेशी शिक्षा, हमारा हर बच्चा महत्त्वपूर्ण रहा.
प्रधानाध्यापक नरेंद्र कुमार नलिन ने कहा कि हर बच्चा अपनी क्षमता, रुचि और सीखने की गति के अनुसार अलग और विशेष होता है. ऐसे में प्रत्येक बच्चे को उसकी आवश्यकता के अनुरूप सीखने का अवसर और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना विद्यालय, अभिभावकों और समाज सभी की साझा जिम्मेदारी है.
उन्होंने कहा कि समावेशी शिक्षा का उद्देश्य किसी भी बच्चे को पीछे नहीं छोड़ना, बल्कि सभी बच्चों को समान अवसर देकर उनकी प्रतिभा को निखारना है. संगोष्ठी में अभिभावकों को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, नियमित विद्यालय उपस्थिति, घर पर सकारात्मक शैक्षणिक माहौल तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास में अभिभावकों की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. साथ ही छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक प्रगति, स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जानकारी भी अभिभावकों के साथ साझा की गई.
प्रधानाध्यापक ने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को प्रतिदिन साफ-सुथरे विद्यालयी पोशाक में समय पर विद्यालय भेजने तथा नियमित पढ़ाई के लिए प्रेरित करने की अपील की. संगोष्ठी में शिक्षकों ने भी अभिभावकों से संवाद कर बच्चों की पढ़ाई में घर से सहयोग देने का आग्रह किया.
कार्यक्रम में शिक्षक प्रफुल्ल कुमार, मिथलेश कुमार पांडेय, प्रमिला कुमारी, अंजू कुमारी एवं सदफ प्रवीन सहित बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे. अभिभावकों ने भी अपने सुझाव रखे और विद्यालय की इस पहल की सराहना की.
