नवादा में अर्जक संघ का छठा जिला सम्मेलन, सामाजिक समानता और वैज्ञानिक सोच अपनाने का आह्वान

नवादा में अर्जक संघ के छठे जिला सम्मेलन में सामाजिक समानता और वैज्ञानिक सोच अपनाने पर ज़ोर दिया गया. वक्ताओं ने खान-पान, उठने-बैठने में समानता और लैंगिक बराबरी पर बल दिया. संगठन ने आंबेडकर और फुले के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया.

Nawada News : सामाजिक समानता और वैज्ञानिक सोच को अपनाकर ही समाज में सुख, शांति और समृद्धि स्थापित की जा सकती है. अर्जक संघ वर्ष 1968 से इसी उद्देश्य को लेकर लगातार काम कर रहा है. ये बातें अर्जक संघ की मुख्य अतिथि ऊषा सिंह ने शनिवार को गोनावां स्थित बंधन मैरेज हॉल में आयोजित संघ के छठे जिला सम्मेलन में कहीं.

सामाजिक बराबरी के लिए व्यवहार में भी जरूरी है समता

ऊषा सिंह ने कहा कि समाज में वास्तविक बराबरी तभी स्थापित होगी, जब खान-पान, उठने-बैठने और बोलचाल जैसे व्यवहार में भी समानता दिखाई दे. उन्होंने सामाजिक भेदभाव को खत्म करने और मानववादी विचारों को बढ़ावा देने पर जोर दिया.

उन्होंने महिला उत्थान की जरूरत बताते हुए पितृसत्तात्मक सोच को चुनौती देने की बात कही. महिलाओं और पुरुषों को समान अधिकार और अवसर देने की वकालत करते हुए उन्होंने समाज में लैंगिक समानता को जरूरी बताया.

संविधान की प्रस्तावना के पाठ से हुई सम्मेलन की शुरुआत

जिला संयोजक राम सहाय प्रसाद की अध्यक्षता में दो दिवसीय सम्मेलन की शुरुआत हुई. कार्यक्रम का संचालन अर्जक संघ के वरिष्ठ नेता उपेंद्र पथिक ने किया. ब्रह्मदेव प्रसाद ने संविधान की प्रस्तावना का पाठ कराकर कार्यक्रम की शुरुआत करायी.

सम्मेलन का उद्घाटन परमेश्वर मंडल ने किया. उन्होंने कहा कि अर्जक संघ सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक समानता के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है. बिहार में संगठन का विस्तार भी तेजी से हो रहा है.

आंबेडकर और फुले के विचारों को अपनाने पर जोर

परमेश्वर मंडल ने डॉ. भीमराव आंबेडकर, ज्योतिबा फुले, रामस्वरूप वर्मा, शहीद जगदेव प्रसाद सहित अन्य अर्जक विचारकों के सिद्धांतों को अपनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि समाज में समानता और सामाजिक बदलाव के लिए इन विचारों को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है.

श्रम को सम्मान देने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की अपील

सम्मेलन में वक्ताओं ने श्रम को सम्मान देने और श्रमशील वर्गों को संगठित करने पर जोर दिया. साथ ही लोगों से वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने की अपील की गयी. वक्ताओं ने कहा कि समाज को रूढ़ियों और अंधविश्वास से बाहर निकालने के लिए वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना जरूरी है.

गीतों के माध्यम से दिया अर्जक विचारधारा का संदेश

कार्यक्रम के दौरान गायक सुरेंद्र प्रसाद ने गीतों के माध्यम से अर्जक विचारधारा का संदेश दिया. इससे सम्मेलन में मौजूद लोगों के बीच सामाजिक समानता और मानववादी विचारों को लेकर जागरूकता का संदेश पहुंचाया गया.

सदस्यों को अंगवस्त्र और मेमेंटो देकर किया सम्मानित

सम्मेलन में अर्जक संघ के मिशन को आगे बढ़ाने में योगदान देने वाले सदस्यों को अंगवस्त्र और मेमेंटो देकर सम्मानित किया गया. शनिवार रात प्रांतीय समिति की बैठक भी आयोजित की जानी है, जिसमें सामाजिक और सांस्कृतिक बदलाव से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जायेगी.

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By बब्लू कुूमार

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