नवादा के स्कूल में परीक्षा, मूल्यांकन और रजिस्ट्रेशन एक साथ, शिक्षकों की बढ़ी परेशानी, पढ़ाई भी प्रभावित

Nawada School Evaluation : नवादा जिले में शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों पर शैक्षणिक कार्यों का भारी बोझ आ गया है. कक्षा 1 से 12 तक की परीक्षाएं, कॉपियों का मूल्यांकन और रजिस्ट्रेशन कार्य एक ही समय में होने से व्यवस्था चरमरा रही है. इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है.

Nawada School Evaluation : नवादा जिले के सरकारी स्कूलों में एक साथ कई शैक्षणिक कार्य होने से शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की परेशानी बढ़ गई है. राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद, पटना के निर्देश पर 21 सितंबर से कक्षा 1 से 8 तक की अर्धवार्षिक परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन संकुल मुख्यालयों में होना है. दूसरी ओर इंटर स्कूलों में कक्षा 11 और 12 की परीक्षा चल रही है, जबकि 21 सितंबर से कक्षा 9 और 10 की अर्धवार्षिक परीक्षा भी शुरू हो रही है.

21 सितंबर से शुरू होगा कॉपियों का मूल्यांकन

राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद, पटना के निर्देश के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक संपन्न हुई अर्धवार्षिक परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन 21 सितंबर से शुरू होना निर्धारित है. इसके लिए जिले में संकुल मुख्यालयों के रूप में अधिकांश इंटर स्कूलों को चिह्नित किया गया है.

इंटर स्कूलों में पहले से चल रही परीक्षा

जिले के कई इंटर स्कूलों में फिलहाल कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों की अर्धवार्षिक परीक्षा चल रही है. ऐसे में इन्हीं विद्यालयों को कक्षा 1 से 8 तक की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए संकुल मुख्यालय बनाए जाने से अतिरिक्त व्यवस्था का दबाव बढ़ गया है.

कक्षा 9 और 10 की परीक्षा भी शुरू

21 सितंबर से कक्षा 9 और 10 की अर्धवार्षिक परीक्षा भी शुरू होनी है. इसके अलावा कक्षा 9 और 11 तक के विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन का कार्य भी चल रहा है. शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के अनुसार, एक ही समय में इतने कार्य होने से विद्यालयों में संसाधनों और कमरों की उपलब्धता को लेकर परेशानी हो रही है.

मूल्यांकन के लिए अतिरिक्त कमरों की कमी

उच्च माध्यमिक विद्यालय भनैल, अकबरपुर के प्रधानाध्यापक योगेंद्र कुमार ने बताया कि विद्यालय में एक साथ कक्षा 9 से 12 तक की परीक्षा होने के कारण कक्षा 3 से 8 तक की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए अतिरिक्त कमरे उपलब्ध नहीं हैं. इससे मूल्यांकन कार्य के लिए जगह की समस्या उत्पन्न हो रही है.

शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति से पढ़ाई प्रभावित

प्राथमिक विद्यालय जहाना के प्रधान शिक्षक संतोष कुमार ने बताया कि उनके विद्यालय के सहायक शिक्षक 15 सितंबर से दूसरे विद्यालय में वीक्षण कार्य के लिए प्रतिनियुक्त थे. अब 21 से 25 सितंबर तक उन्हें मूल्यांकन कार्य में प्रतिनियुक्त किया गया है. इससे विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति बन रही है.

परीक्षा और रजिस्ट्रेशन का भी चल रहा काम

विद्यालयों में परीक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के रजिस्ट्रेशन का कार्य भी चल रहा है. शिक्षकों को अलग-अलग शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों में जिम्मेदारी दिए जाने के कारण विद्यालय संचालन में अतिरिक्त दबाव महसूस किया जा रहा है.

प्रधानाध्यापकों के सामने व्यवस्था की चुनौती

एक ही समय में अलग-अलग कक्षाओं की परीक्षा, कॉपी मूल्यांकन और रजिस्ट्रेशन कार्य संचालित होने से प्रधानाध्यापकों के सामने विद्यालय में कमरों और शिक्षकों की उपलब्धता बनाए रखने की चुनौती है. शिक्षकों का कहना है कि कार्यों के बेहतर समन्वय की जरूरत है.

बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर

शिक्षकों के अनुसार, वीक्षण और मूल्यांकन जैसे कार्यों में प्रतिनियुक्ति के कारण संबंधित विद्यालयों में नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है. खासकर छोटे विद्यालयों में शिक्षकों की संख्या सीमित होने से इसका असर अधिक पड़ सकता है.

Also Read : नवादा से अपहृता लक्ष्मी छत्तीसगढ़ से बरामद, कोरबा पुलिस की मदद से बालको चेकपोस्ट पर घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By विशाल कुमार

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >