साइबर अपराधियों ने मई माह में भोले-भाले लोगों के खातों से 31 लाख रुपये उड़ाये

सावधान : नये-नये हथकंडे अपनाकर लोगों के खातों को खाली कर रहे साइबर फ्रॉड

नवादा कार्यालय. जिले में साइबर फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. मामलों में किस तरह से तेजी आ रही है. आप इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि सिर्फ मई महीने में ही नवादा शहर स्थित साइबर थाने में साइबर ठगी की 14 वारदात दर्ज की गयी हैं. साथ ही ठगों ने भोले-भाले लोगों से लगभग 31 लाख रुपये का चुना लगा चुके हैं. लगातार बढ़ रहे मामलें से आपको भी सतर्क रहने की जरूरत है. डिजिटल दुनिया के इस दौर में बदलते समय के साथ ठगी के तरीके भी बदलते जा रहे हैं. एक ओर देश में डिजिटल तरीके से लेन-देन बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ डिजिटल फ्रॉड के मामले भी. यहां हम आपको आठ तरह के साइबर अपराध और उनके पीड़ितों की कहानी बता रहे हैं, जहां उनके साथ लाखों की ठगी हुई. केस स्टडी 1. 1. स्मार्ट मीटर रिचार्ज और मीटर अपडेट के नाम पर लाखों की ठगी नवादा शहर स्थित पटेल नगर में रहने वाले एक शख्स के साथ स्मार्ट मीटर रिचार्ज के नाम पर एक लाख 07 हजार रुपये ठगी कर ली गयी. नवादा शहर के ही रहने वाले नेहालुचक निवासी छोटेलाल यादव के पास कॉल आया और बिजली मीटर लगवाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने 98 हजार का झटका दे दिया. वहीं, नवादा शहर के ही बुंदेलखंड निवासी रजनीकांत दीक्षित को स्मार्ट मीटर अपडेट करने के नाम पर 01 लाख 31 हजार रुपये पर हाथ साफ कर लिया. यह केवल नवादा शहर का ही मामला नहीं है, बल्कि जिले के कई हिस्सों में इस तरह के मैसेज से कई लोगों के साथ ठगी हो चुकी है. खास बात यह है कि जिस नंबर से मैसेज किया जाता है, उस पर बिजली विभाग का लोगों लगा रहता है. केस स्टडी – 2 2. मोबाइल चोर गिरोह और साइबर ठग का गठजोड़, हो रही ठगी साइबर ठगी से जुड़े वारदातों के बाद दर्ज प्राथमिकी के अवलोकन से एक बात जो निकल कर सामने आयी है, वह है साइबर ठग गिरोह और मोबाइल चोर गिरोह का गठबंधन. डिजिटल जमाने में मोबाइल मनुष्य का सबसे बड़ी जरूरत है. फिर चाहे रिश्तेदारों से बात करनी हो या किसी से पैसे मंगवाना हो. हर मर्ज का एक ही दवा है वह है मोबाइल. मनुष्य जीवन में मोबाइल एक ऐसा गजट है, जो जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा में शामिल हो चुका है. इन्ही सब जरूरतों को ध्यान में रखते हुए साइबर ठग भी लोगों को ठगने के लिए मोबाइल का दुरुपयोग करना शुरू कर दिया. ठगी के शिकार कुछ मामलों में देखा गया है की आपकी मोबाइल कहीं से भी चोरी हो, गायब हो या फिर गुम हो. मोबाइल धारक के बैंक खाता जरूर साफ हुआ है. आंकड़े देखने के बाद अहसास होता है मानों मोबाइल प्राप्त करने के लिए साइबर ठग गिरोह द्वारा मोबाइल चोर गिरोह बनाया गया है. सिरदला प्रखंड स्थित परना डाबर थाना क्षेत्र स्थित अदेया गांव की एक महिला सजदा खातून का मोबाइल घर से गायब होता है और खाते से 03 लाख 20 हजार साफ हो गया. दूसरे मामले में परिवार के साथ रांची की यात्रा पर निकले ननौरा निवासी सतेंद्र प्रसाद का मोबाइल ट्रेन चढ़ने के दौरान पैकेट से खींच लिया जाता है और पल भर में 01 लाख 09 हजार 98 रुपये की अवैध निकासी कर ली जाती है. ऐसे कई मामले है जिसका शिकार बेलगाम हुए साइबर अपराधी बनाते रहे है. केस स्टडी – 3 (3) टेलीग्राम का टास्क : लोको पायलट व रिश्तेदारों से 05 लाख 37 हजार की ठगी साइबर ठगों द्वारा ठगी की शिकार पीड़ितों की व्यथा पर गौर करें, तो साइबर ठगों द्वारा इस्तेमाल हथकंडे में टेलीग्राम एप भी काफी सहयोगी साबित हुआ है. साइबर थाना में दर्ज कांड 67/25 पर गौर करें तो ससुराल पहुंचे लोको पायलट विनीत कुमार को टेलीग्राम एप पर टास्क पूरा करने के बदले रिवार्ड का झांसा देकर न सिर्फ लोको पायलट युवक को 02 लाख 38 हजार का चुना लगाया, बल्कि पीड़ित युवक की पत्नी को 99 हजार तथा ससुराल स्थित रिश्तेदार साले को 01 लाख व बहनोई को 01 लाख कुल 05 लाख 37 हजार रुपये का जोरदार झटका धीरे से लगा डाला. वहीं, नवादा शहर के न्यू एरिया निवासी पीड़ित महिला ज्योति कुमारी को भी टेलीग्राम एप्प पर डाटा टास्क पूरा करने का झांसा देकर 57 हजार रुपये की ठगी कर ली गयी. इसके अलावा भी करीब पांच-छह तरीके है, जिसको अपना कर ठग अपना कुनबा बढ़ाने में, तो वहीं गरीबों को कंगाल बनाने के लिए अक्सर इस्तेमाल करते दिखाई पड़े है. इसमें मूवी रेटिंग के नाम पर, क्रेडिट कार्ड रिवार्ड प्वाइंट के नाम पर, एटीएम ब्लॉक होने या करने का झांसा देकर, वर्क फ्रॉम होम जॉब दिलाने के नाम पर, पेटिएम के जरिए फ्रॉड, न्यूड व्हाट्सएप कॉल ( हनी ट्रैप), डिजिटल अरेस्टिंग आदि हथकंडा है, जिसका इस्तेमाल साइबर ठगों द्वारा अपना कर लोगों को शिकार बनाते रहें है.

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Author: PANCHDEV KUMAR

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