चौकीदार हत्याकांड का 40 घंटे में दूसरा आरोपित गिरफ्तार

जिले के धमौल थाना क्षेत्र में चौकीदार जितेंद्र पासवान हत्याकांड में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी

मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कर रही छापेमारी

पीड़ित परिजन के घर मिलने पहुंची पूर्व विधायिका अरुणा देवी

प्रतिनिधि, नवादा सदर

जिले के धमौल थाना क्षेत्र में चौकीदार जितेंद्र पासवान हत्याकांड में पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है. कांड में संलिप्त दूसरे आरोपित को भी पुलिस ने दबोच लिया है. गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान तुर्कवन पंचायत के स्थानीय मुखिया रामरूप प्रसाद यादव के पुत्र शशि भूषण कुमार उर्फ भूषण कुमार के रूप में की गयी है. धमौल थानाध्यक्ष हिमांशु कुमार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि चौकीदार हत्याकांड में अब तक गिरफ्तार दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. हालांकि, मामले का मुख्य आरोपित रामपत यादव अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है.

पुलिस सूत्रों के अनुसार फरार आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर वैज्ञानिक, तकनीकी व ह्यूमन इंटेलिजेंस समेत सभी संसाधनों का सहारा लिया जा रहा है. लगातार दबिश और निगरानी के कारण रामपत की घेराबंदी तेज कर दी गयी है. 40 घंटे के भीतर दो आरोपितों की गिरफ्तारी से पुलिस को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन मुख्य हत्यारोपित के फरार रहने से पीड़ित परिवार का दर्द अब भी कम नहीं हो सका है.

पीड़ित परिवार से मिलीं पूर्व विधायक, कड़ी कार्रवाई की मांग

घटना के बाद मंगलवार को पूर्व विधायक अरुणा देवी मृतक चौकीदार जितेंद्र पासवान के घर पहुंचीं. उन्होंने शोक संतप्त परिवार को ढांढ़स बंधाते हुए पुलिस प्रशासन व सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की. पूर्व विधायक ने वर्दीधारी कर्मी की हत्या को अत्यंत जघन्य बताते हुए अपराधियों के खिलाफ “कड़ी कार्रवाई” करने की मांग उठायी. उन्होंने कहा कि ऐसे दुस्साहसिक अपराध करने वालों पर ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जो आने वाले समय में अपराधियों के लिए नजीर बन सके.

मुख्य आरोपित रामपत का आपराधिक इतिहास भी आया सामने

तुर्कवन गांव निवासी आनंदी यादव का पुत्र रामपत यादव का आपराधिक इतिहास भी अब धीरे-धीरे सामने आने लगा है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार रामपत पर धमौल थाने में पहले से ही अपहरण, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे संगीन मामलों में मुकदमे दर्ज हैं. धमौल थाना कांड संख्या 80/25 में उस पर जमुई जिला के चंद्रमंडीह थाना क्षेत्र स्थित आढ़ा गांव निवासी मुन्नी खातून के पुत्र मो दानिश का सरेआम टोटो से खींचकर अपहरण करने का आरोप लगा था. बाद में धमौल व जमुई पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में युवक को घायल अवस्था में नदी किनारे से बरामद किया गया था. वहींं, धमौल थाना कांड संख्या 29/26 में तुर्कवन निवासी कंचन देवी ने होली पर्व के दौरान रामपत यादव पर मारपीट और हत्या के प्रयास का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी थी. दोनों मामलों में रामपत यादव फिलहाल जमानत पर चल रहा था. अब चौकीदार जितेंद्र पासवान की निर्मम हत्या के मामले में धमौल थाना कांड संख्या 63/26 दर्ज होने के बाद वह फरार चल रहा है. पुलिस की लगातार बढ़ती दबिश से उसके जल्द गिरफ्त में आने की उम्मीद जतायी जा रही है.

पुलिस पर भी बड़ी चुनौती

वर्दीधारी चौकीदार की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. ऐसे में पुलिस के सामने अब सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था और वर्दी के सम्मान को लेकर भी बड़ी चुनौती खड़ी हो गयी है. इसके बावजूद इसके, लगातार हो रही कार्रवाई और त्वरित गिरफ्तारी से यह स्पष्ट है कि नवादा पुलिस इस कांड को लेकर पूरी गंभीरता और रणनीतिक तरीके से काम कर रही है.

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Author: ASHUTOSH KUMAR

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