पारा गिरा, मुहाल हुआ जीना

नवादा : पारा गिरने के साथ शीतलहर व ठिठुरन वाली ठंड से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. हाड़ कांपा देने वाली ठंड से बचाव के लिए अभी तक जिला प्रशासन की तरफ से अलाव की व्यवस्था नहीं की गयी है. घने कोहरे में लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो गया है. अलाव के […]

नवादा : पारा गिरने के साथ शीतलहर व ठिठुरन वाली ठंड से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. हाड़ कांपा देने वाली ठंड से बचाव के लिए अभी तक जिला प्रशासन की तरफ से अलाव की व्यवस्था नहीं की गयी है. घने कोहरे में लोगों को घर से निकलना मुश्किल हो गया है.

अलाव के लिए आपदा प्रबंधन विभाग को 50 हजार रुपये प्राप्त हो चुका है. बावजूद अलाव की व्यवस्था कहीं नहीं हो सकी है. हालांकि, पहले एडीएम ने सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाये जाने की तैयारी करने की जानकारी दी थी. फुटपाथ व झुग्गी झोंपड़ियों में जीवन यापन करने वाले गरीबों के लिए मुसीबत बन गया है.

जिला प्रशासन की ओर से कंबल का वितरण भी अभी तक नहीं हो सका है. सामाजिक सुरक्षा कोषांग से कंबल खरीदारी कर वितरण किया जाना था, परंतु इस ओर कोई कदम नहीं उठाया गया है. सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को स्वयं अलाव की व्यवस्था करनी पड़ रही है.

घने कोहरे के कारण दिन में ही वाहनों को लाइट जला कर चलना पड़ रहा है. सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में ठंड का व्यापक असर दिख रहा है. साल के अंतिम दिन तक अलाव का व्यवस्था नहीं हो सकी थी, जबकि सूत्रों की माने, तो राशि का वितरण किया जा चुका है. झुग्गी झोंपड़ियों में रहने वाले गरीबों के लिए ठंड इन दिनों कहर बन गयी है. ऐसे में जरूरत मंदों के लिए व्यवस्था में कोताही बरती जा रही है, जिससे मायूसी छाई है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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