नवादा : कलम से लिखे हुए रुपये (नोट) को लेने में लोग आनाकानी कर रहे हैं. अक्सर यह देखा जाता है कि रुपये के ऊपर नाम, मोबाइल नंबर या अन्य कुछ लिखा रहता है, जिसे लेने से हाल के दिनों में छोटे दुकानदारों के साथ बड़े व्यवसायी भी इनकार करने लगे हैं.
समाचार पत्रों में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) के निर्देश छपने के बाद लोगों को घर में रखे हुए रुपये को बदलने की होड़ मची है.
रुपये लेने से इनकार करने का खामियाजा अक्सर लोगों को उठाना पड़ रहा है. सब्जी बाजार में खरीदारी करने गये पार नवादा के दिलीप कुमार ने कहा कि पांच सौ रुपये के नोट पर कुछ नंबर लिखे थे, जिसे लेने से दुकानदार ने मना कर दिया. इसके कारण सब्जी नहीं खरीद पाये हैं.
इस प्रकार की घटना बाजारों में खूब हो रही है. क्लिन नोट बनाने की कवायद का असर बाजार में साफ तौर से दिख रहा है. नोट को राष्ट्रीय स्वाभाविक प्रतीक माना गया है. इसके कारण आरबीआइ नोट को क्लिन कराने की कवायद कर रहा है. कई सूचना स्नेतों से 31 दिसंबर तक इसे सुधारने की जानकारी मिली थी.
