नवादा : जिले के वारिसलीगंज प्रखंड स्थित बाली गांव में इस वर्ष वारसी पूजा का आयोजन 20 व 21 अक्तूबर को किया जायेगा. प्रेम व सद्भाव का प्रतीक बाली का मढही पूजा दशकों से सभी धर्मो व जातियों को आपस में जोड़ने का काम कर रहा है. प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष द्वितीय को यह पूजा होता है.
यहां लोग घृणा, द्वेष, ईष्र्या से दूर हट कर एक विशाल जन समूह आपसी प्रेम व भाईचारे को बढ़ाने के लिए जुटते हैं. मढही के महंत बनारस प्रसाद सिंह बताते हैं कि बाली का मढही महान सूफी संत हजरत हाजी हाफिज सैय्यद वारिस अली शाह व संत शिरोमणि पंच वदन सिंह को समर्पित है.
यहां ब्राह्मण मुहूर्त में विधिवत परम सत्ता का आमंत्रण व आह्वान किया जाता है. उसके बाद मुंडन संस्कार व चादर पोशी की जाती है. इस पुण्य तिथि पर पूजा–अर्चना व चादर पोशी के लिए हजारों लोग दूर दराज से आते हैं व मनोकामना मांगते हैं.
लोगों की मन्नतें पूरी होती है. दिन रात तक चलने वाली इस भव्य पूजा समारोह में गीत–संगीत और कौव्वाली का विशेष आयोजन किया जाता है. यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए लंगर का भी आयोजन किया जाता है.
