काशीचक : प्रखंड में शिक्षक नियोजन में देर व पहले से शिक्षकों की कमी के कारण प्रखंड के प्राथमिक व मध्य विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर सवालिया निशान लग गया है.
जानकारी के अनुसार, प्रखंड के दर्जनों स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, जिसका असर बच्चों की उपस्थिति पर भी पड़ा है. अभिभावकों का रुझान निजी स्कूलों की ओर बढ़ा है. आज प्रस्तुत है ऐसे ही कुछ स्कूलों का हाल.
मध्य विद्यालय दौलाचक
इस स्कूल में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या 263 है. यहां एक प्रधानाध्यापिका व एक सहायक शिक्षक नियुक्ति हैं. प्रधानाध्यापिका को स्कूल में पढ़ाने के अलावा कार्यालय संबंधी काम व मध्याह्न् भोजन की उपलब्धता की भी जिम्मेवारी सौंपी गयी है. सहायक शिक्षक को शिक्षा के अलावा बीएलओ का काम करना है. ऐसे में सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि यहां पढ़नेवाले बच्चों को भविष्य कैसा होगा. किसी भी स्कूल में सुचारु रूप से पठन–पाठन के लिए कम से कम तीन या तीन से अधिक शिक्षकों का होना जरूरी है.
प्राथमिक स्कूल, चंडीनावां
यहां 232 छात्रों को पढ़ाने के लिए एक शिक्षक को जिम्मेवारी सौंपी गयी है. साथ ही इसी शिक्षक को विद्यालय प्रधान के साथ बीएलओ का काम भी देखना है.
इंटर विद्यालय, चंडीनावां
यहां के स्कूल को इंटर स्कूल का दर्जा तो मिल गया, लेकिन वर्षो बाद भी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो सकी है. जबकि, इस स्कूल में सैकड़ों छात्र इंटर का फॉर्म भर कर परीक्षा भी दे चुके हैं. फिर सवाल उठता है कि इन्हें कौन पढ़ा रहा है व कैसे तैयारी कर ये बच्चे पास कर रहे हैं.
