नवादा (नगर):श्रीजगन्नाथपुरी पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती के दर्शन व उनके प्रवचन सुनने की इच्छा हर किसी के दिल में थी. देश के चार शंकराचार्य पीठ द्वारका, बदरीकाशी, श्रृंगेरी व गोवर्धन पुरी पीठ में से किसी भी पीठ के शंकराचार्य की यह पहली नवादा यात्रा थी.
शंकराचार्य के इस आगमन का लाभ हर कोई लेने के लिए उत्साहित था. प्रवचन सुनने वालों में महिला-पुरुष व छोटे बच्चों के साथ युवा भी काफी संख्या में आये थे. प्रवचन सुनने के लिए मंच के सामने दो भागों में बांट कर बैठने की व्यवस्था की गयी थी. एक भाग में महिलाएं व दूसरे भाग में पुरुषों के बैठने की व्यवस्था थी. एसडीपीओ के निर्देश पर पुलिस बल के जवानों ने सबको बैठाया.
किताबों की स्टॉल पर उमड़ती रही भीड़
शंकराचार्य द्वारा संपादित 120 पुस्तकों के अलावा अन्य अन्य प्रकाशकों की भी धार्मिक ग्रंथों के स्टॉल लगे थे. यहां किताबों की खरीदारी व मनपसंद किताबों को देखने के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचे थे.
छोटी-छोटी बातों पर भी रहा शंकराचार्य का ध्यान
प्रवचन सुनने आने वालों की भीड़ में एक बुजुर्ग दर्द की वजह से बैठ नहीं पा रहे थे. शंकराचार्य जी ने मंच पर एक शिष्य को बुला कर उन्हें कुरसी देने को कहा. उन्हें कुरसी देकर बैठाया भी गया.
