नवादा (सदर): पूर्व सीएम ने कहा कि वर्तमान सरकार में अफसरशाही का बोलबाला है. कार्यकर्ता व नेता की कोई सुनता नहीं है. सभी विभागों में कमीशन बंधी है. कमीशन होनेवाला 2015 के चुनाव के नाम पर लिया जा रहा हैं. उन्होंने कहा कि योजना लागू करने में सरकार रुपये का रोना रो रही है. वहीं दूसरी तरफ सरकार द्वारा प्राक्कलन घोटाला जारी है. एक करोड़ का प्राक्कलन सात करोड़ का बनाया जा रहा है. यहां तक की बालू ठेकेदार दूसरे राज्य से बुलाये जाते हैं. क्योंकि, बाहरी लोग से रुपये लेने में जानकारी गुप्त रहेगी.
विधायक की इज्जत बचाया
जदयू के एक विधायक का नाम लेते हुए मांझी ने कहा कि विधायक जी मेरे पास आये और रोते हुए बताये की डीएम व एसपी नहीं सुनता है. मैंने विधायक के सामने एसपी व डीएम को डॉट खिलाया. लेकिन, हमारी बारी आयी, तो विधायक मुंह फेर लिए. नीतीश के समय में मुख्यमंत्री आवास विधायक महीना दो महीना पर जाते थे. लेकिन, हमने विधायक व पार्टी नेताओं क लिए दरवाजा खेल दिया और घोषणा कर दिया जब काम पड़े आ जायें.
गरीबों के लिए काम किया
समाज में किसी जाति के लोग हो, अगर गरीब हैं, तो उनके लिए मैंने काम किया. इसमें आशा ममता, शिक्षक, होमगार्ड, विद्यार्थी, किसान सहित अन्य विभाग के गरीब कर्मचारी ऊपर लाने के लिए 34 फैसले लिये थे, जिसे तकनीकी कारण बता कर रद्द किया गया.
इन्होंने भी किया संबोधित
पूर्व मुख्यमंत्री के संबोधन के अलावा पार्टी के संयोजक वृशिण पटेल, पूर्व मंत्री महाचंद्र सिंह, अनिल कुमार, विधायक राहुल शर्मा सहित अनेक स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया. इससे पहले जिले के लोगों ने मांझी को फूल-मालाओं से लाद कर भरपूर स्वागत किया.
सुरक्षा व्यवस्था चुस्त
मांझी के कार्यक्रम को लेकर सदर एसडीओ राजेश कुमार के अलावा एसडीपीओ सहित काफी संख्या में पुरुष व महिला पुलिसकर्मियों की व्यवस्था प्रशासन के तरफ से की गयी थी.
