इसकी टोह में लगातार पुलिस प्रशासन द्वारा छापेमारी की जा रही है. आये दिन भीतिया होते हुए अन्य गांवों में जाते हुए नक्सलियों को आधी रात को पहाड़ी पर देखा जाता है. इससे क्षेत्र के दर्जनों गांवों में दहशत का माहौल है. गौरतलब है कि सुखनर से खटांगी तक बन रही सड़क के ठेकेदार से लेवी की मांग टीपीसी संगठन द्वारा एक माह पूर्व किया गया था. इसकी शिकायत भी की गयी. इसके भय से ही संवेदक ने सड़क निर्माण का काम रोक दिया है. छापेमारी के दौरान सिरदला थानाध्यक्ष श्रीकांत कुमार, रंजीत राम, रवि रंजन कुमार आदि शामिल थे.
जंगलों की छानी खाक नहीं मिला कोई सुराग
सिरदला: मंगलवार की सुबह एसएसबी जवानों ने एसपी अभियान विभाष कुमार के नेतृत्व में सघन छापेमारी अभियान चलाया. क्षेत्र के बहुआरा, भीतिया, बसकटवा, मढ़ी, कलौंदी, लवनी, जमुनियां व मोहनरिया के जंगलों में सघन छापेमारी चला. हालांकि, इस दौरान नक्सलियों का कोई सुराग नहीं मिला. सूत्रों ने बताया कि बाराचट्टी थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में […]

सिरदला: मंगलवार की सुबह एसएसबी जवानों ने एसपी अभियान विभाष कुमार के नेतृत्व में सघन छापेमारी अभियान चलाया. क्षेत्र के बहुआरा, भीतिया, बसकटवा, मढ़ी, कलौंदी, लवनी, जमुनियां व मोहनरिया के जंगलों में सघन छापेमारी चला. हालांकि, इस दौरान नक्सलियों का कोई सुराग नहीं मिला. सूत्रों ने बताया कि बाराचट्टी थाना क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में घायल नक्सलियों का इलाज सिरदला फतेहपुर से सटे गांवों में निजी प्रैक्टिशनरों द्वारा कराया जा रहा है.
सीआरपीएफ ने चलाया ऑपरेशन
कौआकोल. माओवादियों का 25 व 26 मई को आयोजित बिहार व झारखंड बंद व गया में मचाये गये उत्पात को लेकर मंगलवार को सीआरपीएफ 215वीं बटालियन ने कौआकोल में बाइक से ऑपरेशन चलाया. अभियान के तहत पुलिस फोर्स थाना क्षेत्र के बीझो, रानीबाजार, लालपुर, महुडर, सेखोदेवरा, गुआघोघरा, मथुरापुर, गायघाट, ङिालार, करमाटांड़, रानीगदर व फरकी पत्थर के अलाव झारखंड के सीमावर्ती इलाकों में भी ऑपरेशन चलाया. इसका नेतृत्व थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार ने किया.
सामान्य दिनों की तरह चला काम-काज
अकबरपुर. नक्सलियों द्वारा आहूत बिहार बंद का असर अकबरपुर में पूरी तरह नहीं दिखा. बाजार की सभी दुकानें खुली रही व सरकारी कार्यालयों में भी सामान्य दिनों की तरह ही काम-काज हुआ. सड़कों पर भी वाहनों की आवाजाही सही रही. कहीं से किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है. बंद के मद्देनजर पुलिस की सक्रियता बढ़ा दी गयी थी. पुलिस की गश्त तेज होने से लोग निर्भीक होकर अपने कामों में लगे रहे.