जहां से खराब पड़े चापाकलों की जानकारी दी जाती है वहां ठीक करने के लिए मेकैनिक जायेंगे. विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, मई माह में पूरे जिले में महज 20 से 25 खराब पड़े चापाकलों की ही शिकायत आयी है. इसमें भी छह प्रखंड ऐसे हैं, जहां से एक भी खराब चापाकल की शिकायत नहीं मिली है. बड़ा सवाल यह है. कि गांव, देहातों में सैकड़ों खराब चापाकल है, जो थोड़ी सी मरम्मत के कारण बेकार पड़े हैं. लेकिन, इसकी सूचना जिला तक क्यों नहीं पहुंच पा रही है? यह बड़ा सवाल है. कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, नवादा सदर प्रखंड में मई में नौ, हिसुआ में एक, नरहट में एक, नारदीगंज में चार, अकबरपुर में दो, गोविंदपुर में तीन, काशीचक में एक खराब चापाकल की सूचना मिली है. बाकी प्रखंडों से एक भी खराब चापाकल की जानकारी विभाग को नहीं है.
चिराग तले छाया अंधेरा
नवादा (नगर): जिले एक अप्रैल से ही सभी प्रखंडों में खराब पड़े चापाकलों को ठीक करने के लिए मेकैनिकों का दल बनाया गया है, जो समान के साथ जाकर चापाकलों को ठीक भी कर रहा है. खराब पड़े चापाकलों की सूचना देने के लिए विभाग द्वारा जिला स्तर पर हेल्प लाइन नंबर जारी किया गया […]

नवादा (नगर): जिले एक अप्रैल से ही सभी प्रखंडों में खराब पड़े चापाकलों को ठीक करने के लिए मेकैनिकों का दल बनाया गया है, जो समान के साथ जाकर चापाकलों को ठीक भी कर रहा है. खराब पड़े चापाकलों की सूचना देने के लिए विभाग द्वारा जिला स्तर पर हेल्प लाइन नंबर जारी किया गया है.
आम लोगों को होना होगा जागरूक : खराब चापाकलों को ठीक कराने के लिए चार से पांच मिस्त्रियों का दल सभी प्रखंडों में बना है. खराब चापाकलों की जानकारी देने के लिए विभाग ने पदाधिकारियों के मोबाइल नंबर के साथ जिला मुख्यालय में हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. 06324-210036 पर कॉल करके खराब चापाकलों की जानकारी देना है. लेकिन, जागरूकता के अभाव में लोग सड़कों पर शोर तो मचाते है. लेकिन, विभाग के पास सही ढंग से शिकायत नहीं पहुंचा पाते है. मिस्त्री खराब चापाकलों को ठीक करने निकलते है.