नवादा (नगर) : जेठ की तपती धूप और लू लगने वाली गरम हवा ने घर से निकलना लोगों का दुश्वार कर दिया है. पारा रिकार्ड को पार कर चुका है. जिले का तापमान 44 डिग्री है. ऐसे में घर से निकलने वालों का हलक तर करने का साधन भी नहीं हो रहा है. जगह-जगह प्याऊ की व्यवस्था प्रत्येक वर्ष जेठ माह में समाज सेवियों व विभिन्न संस्थाओं द्वारा किया जाता था.
लेकिन, इस वर्ष प्याऊ के नाम पर ग्रहण लग गया. गांवों से आनेवाले लोगों को सूखते हलक को तर करने के लिए पानी खरीद कर पीना पड़ रहा है. होटलों में पानी मांगने पर मजबूरन कुछ खाना पड़ता है. चापाकलों की हालत भी इस गरमी में नाजुक हो चुकी है.
सार्वजनिक स्थलों पर प्याऊ की व्यवस्था नहीं रहने से मिनरल वाटर का धंधा में चार चांद लग गया है.बड़ी-बड़ी कंपनियों के अलावा अब लोकल कंपनी भी बोतलों में पानी भर कर खूब बेचा जा रहा है. भले ही गुणवत्ता के वह पानी अशुद्ध है. लेकिन, जब प्यास से हलक सूखने लगता है.
तो वैसे पानी भी अमृत के समान हो गया है. प्रतिदिन लाखों बोतल पानी का कारोबार यहां हो रहा है. प्रशासनिक स्तर से भी प्याऊ की व्यवस्था जगह-जगह करा दी जाती तो शायद उन प्यासे लोगों को पानी खरीद कर नहीं पीना पड़ता. इससे लोगों को राहत मिलती.
