शिक्षक हड़ताल से पढ़ाई के साथ रिजल्ट भी बाधित, सता रही एडमिशन की चिंता
नवादा (नगर): वेतनमान व सेवाशर्तो में सुधार की मांग को लेकर होनेवाली हड़ताल से छात्र-छात्राओं को काफी नुकसान हो रहा है. 1 मई से माध्यमिक शिक्षक भी स्कूलों में तालाबंदी करके हड़ताल में कूद गये हैं. इससे प्राथमिक व मध्य विद्यालयों के साथ ही इंटर स्कूलों में भी ताला लटक गया है. हड़ताल का असर […]
नवादा (नगर): वेतनमान व सेवाशर्तो में सुधार की मांग को लेकर होनेवाली हड़ताल से छात्र-छात्राओं को काफी नुकसान हो रहा है. 1 मई से माध्यमिक शिक्षक भी स्कूलों में तालाबंदी करके हड़ताल में कूद गये हैं. इससे प्राथमिक व मध्य विद्यालयों के साथ ही इंटर स्कूलों में भी ताला लटक गया है. हड़ताल का असर पठन-पाठन के अलावा मैट्रिक व इंटर परीक्षा के रिजल्ट प्रकाशन पर भी पड़ रहा है. हड़ताल के कारण मैट्रिक की कॉपियां अब तक जांची नहीं गयी है.
इसका साफ मतलब है कि रिजल्ट प्रकाशित होने में अत्यधिक विलंब होने से यहां के स्टूडेंट्स को देश के अन्य राज्यों के बेहतर संस्थानों में एडमिशन नहीं मिल पायेगा. प्रदेश के सैकड़ों विद्यार्थी बेहतर शिक्षा पाने के लिए बीएचयू, दिल्ली जैसे बड़े संस्थानों में नामांकन के लिए आवेदन करते हैं.
लेकिन, रिजल्ट का प्रकाशन समय पर नहीं होने से वैसे छात्र-छात्रएं आवेदन करने से वंचित रह जायेंगे. शिक्षक हड़ताल भले ही वेतनमान की जायज मांग को लेकर हैं, लेकिन समय पर रिजल्ट प्रकाशन के कारण जो हजारों विद्यार्थी दूसरे राज्यों में एडमिशन के लिए आवेदन नहीं कर पायेंगे इसका दोषी कौन होगा. इस सवाल का जवाब जानने के लिए विद्यार्थी सवाल लेकर खड़े है. प्रभात खबर ने ऐसे विद्यार्थियों से मिलकर उनकी राय जानी.
क्या कहते हैं विद्यार्थी
मैट्रिक परीक्षा दिया है, लेकिन हड़ताल के कारण रिजल्ट कब निकलेगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है. झारखंड बोर्ड का रिजल्ट आ गया है. सीबीएसइ का रिजल्ट भी आ चुका है. ऐसे में देश के सभी बड़े संस्थानों में आवेदन करने की तिथि मैट्रिक का रिजल्ट निकलने के पहले ही समाप्त हो जायेगा.
विवेक कुमार, पार नवादा
नियोजित शिक्षकों के हड़ताल का सबसे अधिक समस्या इंटर व मैट्रिक के रिजल्ट के प्रकाशन में है. दिल्ली के कॉलेज में एडमिशन लेना है, लेकिन रिजल्ट कब निकलेगा, इसकी जानकारी नहीं है.
पायल कुमारी, आंबेडकर नगर