जलमीनार तो बना, पर नहीं मिला पीने को पानी

अकबरपुर: सरकार लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना अपनी प्राथमिकता बता रही है. वहीं, जिले के सबसे पिछड़े इलाकों में शुमार अकबरपुर प्रखंड के डीही गांव के लोग पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं. ऐसा भी नहीं की सरकारी स्तर पर पेयजल के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया. कदम उठाया गया, लेकिन उसे अंजाम […]

अकबरपुर: सरकार लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना अपनी प्राथमिकता बता रही है. वहीं, जिले के सबसे पिछड़े इलाकों में शुमार अकबरपुर प्रखंड के डीही गांव के लोग पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं. ऐसा भी नहीं की सरकारी स्तर पर पेयजल के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया. कदम उठाया गया, लेकिन उसे अंजाम तक नहीं पहुंचाया गया. यहां के लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए जलमीनार बना, लेकिन उसे चालू नहीं किया गया है.

यहां के संबंधित अधिकारी का कहना है कि सरकार के तरफ से आदेश आने के बाद ही चालू किया जायेगा. अब पता नहीं की सरकार इस गरमी में इसे चालू करने का आदेश देती है या नहीं. गौरतलब है कि करीब नौ साल पहले अकबरपुर में ग्रामीण जलापूर्ति योजना का शिलान्यास तत्कालीन पीएचइडी मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने स्थानीय विधायक बनवारी राम की उपस्थिति में 18 फरवरी, 2006 को किया था.

इसके बाद यहां पेयजल सप्लाइ के लिए जलमीनार तो बन कर तैयार हो गया, लेकिन लोगों को शुद्ध पानी नसीब नहीं हुआ. इसका खामियाजा गांव के लोगों को भुगतना पड़ रहा है. गरमी के बढ़ते ही भू-जल में तेजी से गिरावट शुरू हो गयी है. ऐसे में पेयजल की किल्लत होना स्वाभाविक है. गांववालों ने जिला प्रशासन से शुद्ध पेयजल आपूर्ति को दुरुस्त करने के साथ ही पानी का कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि लोगों को पेयजल की समस्या से जूझना न पड़े.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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