कैसे पूरा होगा गांधी जी के ग्राम स्वराज का सपना ?

नवादा (सदर) : जिले में पंचायत की कुल संख्या 187 है. परंतु, पंचायत सचिव की संख्या मात्र 93 है. इसलिए कहा जा सकता है कि पंचायत सचिव के कं धों पर जिले के तमाम पंचायतों का भार है. ऐसे में पंचायत के काम-काज क ी गति क्या होगी, समझाने की बात है. इसके बावजूद सरकार […]

नवादा (सदर) : जिले में पंचायत की कुल संख्या 187 है. परंतु, पंचायत सचिव की संख्या मात्र 93 है. इसलिए कहा जा सकता है कि पंचायत सचिव के कं धों पर जिले के तमाम पंचायतों का भार है. ऐसे में पंचायत के काम-काज क ी गति क्या होगी, समझाने की बात है. इसके बावजूद सरकार व अधिकारियों द्वारा पंचायत के विकास की बात कही जा रही है. वह भी समय से शत-प्रतिशत, जो सच्चई से कोसो दूर दिख रही है.

पंचायतों में चलनेवाले सभी विकास कार्यो का संचालन मुखिया की अध्यक्षता में पंचायत सचिव द्वारा ही होता है. इसमें चतुर्थ वित्त आयोग, त्रयोदश वित्त आयोग, पिछड़ा वर्ग के अलावा वृद्ध पेंशन, जन्म-मृत्यु का रजिस्ट्रेशन व प्रमाण-पत्र निर्गत करना है. वहीं गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवार को मरणोपरांत कबीर अंत्येष्टि, मुख्यमंत्री कन्या विवाह का जांच करना सहित अन्य पंचायतों का कार्य सचिव द्वारा ही निबटाया जाता है.

समय से नहीं मिलते सचिव
पंचायत सचिव की कमी जिले के तमाम प्रखंडों में है. इस कारण सरकार द्वारा आम लोगों के लिए चलायी जा रही तमाम कल्याणकारी योजनाओं का निबटारा समय से नहीं हो पाता है. पंचायतवासियों के लिए किसी भी कार्य के लिए समय से पंचायत सेवक से मिलना, आज के समय से टेढ़ी खीर साबित हो गया है. जिस कारण पंचायत वासियों का एक भी कार्य समय पर होना नामुमकिन हो हो गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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