स्लम के विकास के साथ ही होगा सफाई कार्य भी
हाल के वर्षो में शहरों में रहने वाले लोगों की तादाद बढ़ी है. हर कोई शहर में ही बसना चाहता है. खास कर बच्चों की पढ़ाई का बहाना बना कर ही लोग गांव के शहर की ओर तेजी पलायन कर रहे हैं. शहर में मिलने वाली सुविधाएं भी इसका एक कारण हो सकती है. तेजी से सभी शहरों का दायरा बढ़ रहा है.
इन सबके बीच लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराना ही नगर पर्षद का काम है. शहर में सड़क, पानी, सिवरेज, स्कूल, अस्पताल सहित कई ऐसे क्षेत्र हैं, जो सीधे तौर पर नगर निकायों से जुड़े रहते हैं. इसके लिए हर साल बजट बनाया जाता है और काम कराया जाता है. शहर के लोग भी इस उम्मीद में रहते हैं कि उनको हर साल कुछ अलग सुविधाएं मिलेगी. नवादा नगर पर्षद भी अपना बजट तैयार कर चुका है और साल भर में कौन-कौन से काम प्राथमिकता है उनको तया कर चुका है. हालांकि, नगर पर्षद पिछले वर्ष की तुलना में सात करोड़ कम का ही बजट तैयार किया है.
इस बार 35 करोड़ 74 लाख का प्रस्तावित बजट
आठ पंप हाउसों के माध्यम से हर घर तक पहुंचेगा पानी
नवादा (नगर) : नगर पर्षद के कार्य योजना के अनुरूप बजट का प्रावधान किया जाता है. नये वित्तीय वर्ष में आधारभूत संरचनाओं के विस्तार के साथ ही साफ-सफाई व अन्य आवश्यक मदों में खर्च बढ़ाया गया है. नगर पर्षद का राजस्व वसूली बढ़ा है, लेकिन इसके अनुसार विकास कार्यो पर जोर दिख नहीं रहा है.
शहर में साफ-सफाई के लिए कई नये उपकरण खरीदे गये है, जिनका इस्तेमाल नियमित रूप से नहीं हो पाता है. सफाई कर्मियों की कमी से भी सफाई कार्य प्रभावित होता है. पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में सात करोड़ रुपये कम का बजट वित्तीय वर्ष 2015-16 में पारित किया गया है.
वर्ष 2014-15 के बजट में 42 करोड़ 18 लाख रुपये पारित किये गये थे, जबकि इस वर्ष 2015-16 में 35 करोड़ 74 लाख रुपये का बजट पारित किया गया है. इस वर्ष सीवरेज व ड्रेनेज के माध्यम से नालियों की निकासी पर तीन करोड़ रुपये खर्च किये जाने हैं. रोड व नालों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जायेगा.
स्लम के विकास की भी योजना है.
नगर पर्षद का बजट अस्पर संस्था के सहयोग से बनाया गया है. इस वित्तीय वर्ष में नगर पर्षद का विस्तार करके केंदुआ बाइपास भदौनी, गोनावां, मस्तानगंज आदि क्षेत्रों को इसमें जोड़ने की योजना है. नगर पर्षद कार्यालय को बेहतर व ग्राहकों के सुविधानुसार बनाने के लिए तीन करोड़ रुपये खर्च किया जायेगा.
बनेंगे चार जलमीनार
शहर में साफ पानी की उपलब्धता को लेकर जल मिनार बना कर पाइप लाइन के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की योजना को हरी झंडी मिली है. नगर पर्षद इस कार्य के लिए आठ करोड़ रुपये खर्च करेगी.
एक-एक लाख गैलन पानी की क्षमता वाले चार जलमीनार बनाये जायेंगे. आठ पंप हाउसों के माध्यम से पाइप लाइनों द्वारा हर घर तक पानी पहुंचाया जायेगा. नगर पर्षद इसके अलावा 40 लाख रुपये खर्च करके हैंडपंप प्रमुख स्थानों पर लगवायेगा.
