राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत नये तार पोल लगाने का काम शुरू हुआ. 12-15 पोल गाड़ने के बाद वह भी काम जो ठप हुआ वह अब तक ठप हैं. 2013 में काम की शुरू आत हुई थी. बिजली विभाग और जिले के अधिकारियों की कोताही से गांव-गांव तक बिजली पहुंचाने की योजनाएं पूरी तरह से विफल है. जिसका खामियाजा हिसुआ के भदसेनी जैसे समृद्ध गांवों के उपभोक्ताओं को ङोलना पड़ रहा है
भदसेनी सहित कई गांवों में बिजली नहीं
हिसुआ: प्रखंड के चितरघट्टी पंचायत के भदसेनी, बेलारू, दौलतपुर सहित उसके आसपास के गांवों में साल भर से बिजली के दर्शन नहीं हुए हैं. साल भर पहले गांव में बिजली थी. पर, तारों के कट जाने के बाद आपूर्ति जो ठप हुई अभी तक चालू नहीं हुई है. मुखिया सहित पंचायत के लोग बिजली विभाग […]

हिसुआ: प्रखंड के चितरघट्टी पंचायत के भदसेनी, बेलारू, दौलतपुर सहित उसके आसपास के गांवों में साल भर से बिजली के दर्शन नहीं हुए हैं. साल भर पहले गांव में बिजली थी. पर, तारों के कट जाने के बाद आपूर्ति जो ठप हुई अभी तक चालू नहीं हुई है. मुखिया सहित पंचायत के लोग बिजली विभाग के दफ्तरों के चक्कर लगा है. अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं. पर कोई फलाफल नहीं हो रहा है.
ठप हो गया काम
बढ़ौना गांव तक बिजली है. वहां से बिजली भदसेनी और बेलारू गांव तक आनी है. बढ़ौना से भदसेनी की ओर राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना के तहत मात्र 12 से 15 पोल गाड़े गये हैं. उसके बाद ठेकेदारों ने काम बंद कर दिया. अब विभाग का कहना है कि पोल वही ठेकेदार द्वारा गाड़ा जायेगा. लेकिन, उस ठेकेदार का कहीं अता पता नहीं है. फिलवक्त दूसरा ठेकेदार जिले में काम कर रहा है.