नवादा कार्यालय : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अभियान चलाया पहले शौचालय फिर देवालय, लेकिन इसका असर नवादा शहर में कही नहीं दिख रहा है. शहर के घनी आबादी वाले इलाके में जहां हजारों लोगों का प्रतिदिन आना-जाना लगा रहा है वहां शौचालय की कमी के कारण लोगों को काफी शर्मिदगी होती है. वैसे तो इस शहर की आबादी करीब तीन लाख है, लेकिन गांव व दूसरे शहरों से लोगों का आना-जाना इससे अधिक संख्या में होता है.
बाहर से आने वाले लोगों को जनसुविधाओं की कमी का खामियाजा भुगतना पड़ता है. खासकर महिलाओं के लिए शौचालय नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है. शहर के प्रजातंत्र चौक, इंदिरा गांधी चौक, मेन रोड, सब्जी बाजार, पुरानी बाजार, सोनार पट्टी रोड आदि कई ऐसे जगह हैं, जहां लोगों का आवागमन अधिक होता है.
कहां है शौचालय
नवादा शहर में शौचालय का निर्माण भगत सिंह चौक, रजिस्ट्री ऑफिस के बगल में, स्टेट बैंक ऑफिस के पास, बुधौल बस स्टैंड के पास व तीन नंबर पकरीबरावां बस स्टैंड में किया गया है. लेकिन सही अवस्था में सिर्फ तीन शौचालय ही हैं. दो शौचालयों जजर्र अवस्था में है.
रख-रखाव सही नहीं
शहर में जो भी शौचालय बने हैं उनका रख-रखाव सही नहीं है. फलत: लोग नाक-भौंह सिकोड़ कर आगे बढ़ जाते हैं. जिन जगहों पर शौचालय का निर्माण पहले से कर दिया गया है. उस क्षेत्र में घनी आबादी है. फलत: शौचालय का सही रख-रखाव नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी होती है.
