हिसुआ : क्षेत्र में गुजरने वाले हाइ वोल्टेज के तार की स्थिति काफी जजर्र है. इसका खामियाजा हर बार किसानों को भुगतना पड़ता है. खासकर पांचू, भुलन बिगहा सहित अन्य गांवों के किसानों की गेहूं की फसलें राख हो जाती है. इस बार हिसुआ से बजरा गांव तक जाने वाले हाइ टेंशन के तार के टूटने से भुलन बिगहा में 25-27 बिगहा में लगी अच्छी गेहूं की फसल मिनटों में स्वाहा हो गयी है.
इससे पहले भी पांचू व हेठ पांचू की ओर गुजरने वाली हाई टेंशन तार से खलिहान में आग लगी थी, जिसमें पांचू के किसान सुरेश यादव, अरविंद यादव, बैजनाथ यादव, परमेश्वर यादव, वासुदेव यादव, मन्ना यादव की लाखों की गेहूं की फसल जल गयी थी. क्षेत्र में जजर्र तार टूटने व गिरने से छोटी-मोटी घटनाएं तो बराबर होती रहती है. कभी-कभी बड़ी घटना होने के बाद भी विभाग नहीं चेत रहा है.
सजग नहीं होते किसान, तो बढ़ता नुकसान : शनिवार को भुलन बिगहा में जहां पर आग लगी वहां सैकड़ों एकड़ में दूर-दूर तक गेहूं की तैयार फसलों ही है. दोपहर में हवा तेज नहीं थी. इस कारण कुछ बचाव हुआ नहीं, तो किसान आग पर काबू नहीं पाते. आग दूर-दूर तक फैल कर सभी फसलों को स्वाहा कर देती. तीन-चार गांव व शहर के पांचू के सैकड़ों किसानों को क्षति होती. फसल जलने के बाद भूलन बिगहा के किसान राजेश यादव की पत्नी कैलासी देवी, सुरेश यादव की बेटी इंदु कुमारी, गंगिया देवी, उर्मिला देवी का रो-रोकर बुरा हाल था.
दमकल ने दिया धोखा : गेहूं की फसलों को स्वाहा होते देख पांचू, भूलन बिगहा व नुसरतपुर फुलवरिया के किसानों की जान निकल रही थी. लोग हिसुआ थाने व नवादा अग्नि शमन केंद्र को फोन पर फोन कर रहे थे. पर दमकल वाहन के आने में देर हो रही थी. हालांकि, कुछ देर के बाद हिसुआ थाने से दो सौ लीटर पानी की क्षमता वाला दमकल वाहन घटना स्थल पर पहुंचा पर वह यहां आने के बाद चालू ही नहीं हो सका.
उसे चालू करने वाले कर्मचारी मशक्कत करते रहे पर पाइप से पानी बाहर ही नहीं निकला. जलती फसल देख किसान थाने व प्रशासन को कोसते रहे पर कोई हल नहीं निकला. जिला मुख्यालय से भी कोई अग्निशामक दस्ता नहीं पहुंचा. गौरतलब है कि क्षेत्र में बराबर आग लगने की घटनाएं हो रही है. इसमें बिजली के तार से होने वाली घटनाएं अधिक है. इसके बाद भी विभाग के तरफ या प्रशासन की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है.
