राहगीरों की नहीं बूझ रही प्यास

पकरीबरावां : इन दिनों मुख्यालय के किसी भी स्थान पर न तो सरकारी स्तर पर पेयजल के लिए चापाकल की व्यवस्था है और न ही सरकारी पंप काम कर रहा है. गौरतलब है कि प्रखंड मुख्यालय में नलकूप विभाग की स्थापना सरकार द्वारा की गयी है. यहां कई कर्मचारी भी कार्यरत हैं. परंतु, इन कर्मचारियों […]

पकरीबरावां : इन दिनों मुख्यालय के किसी भी स्थान पर न तो सरकारी स्तर पर पेयजल के लिए चापाकल की व्यवस्था है और न ही सरकारी पंप काम कर रहा है. गौरतलब है कि प्रखंड मुख्यालय में नलकूप विभाग की स्थापना सरकार द्वारा की गयी है. यहां कई कर्मचारी भी कार्यरत हैं. परंतु, इन कर्मचारियों को क्या काम है यह किसी को पता नहीं है.
मुख्यालय के कई स्थानों पर सरकारी नल लगा है. परंतु, वह 10 दिनों से बंद है. मुख्यालय के रेवार मोड़, वारिसलीगंज मोड़, मुख्य बाजार सहित कई स्थानों पर सरकारी नल से ही लोग अपनी प्यास बुझाते थे. परंतु, लालफीताशाही के कारण यह विभाग मृत प्राय साबित हो रहा है. राहगीर किस स्थान पर अपनी प्यास बुझाएंगे यह एक पहेली बन गयी है. यदि शीघ्र ही विभाग द्वारा इस ओर कोई ठोस पहल नहीं किया गया तो राहगीरों के सामने उमस भरी गरमी राह चलते प्यास बुझाना बड़ा ही मुश्किल हो जायेगा.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >