कदाचार के लिए सरकार जिम्मेवार

स्कूलों में पठन-पाठन की नहीं है व्यवस्था शिक्षाविदों ने रखी बेबाक राय नवादा (नगर) : मैट्रिक परीक्षा में कदाचार चरम पर है. वर्ष भर पढ़ाई के नाम पर जैसे-तैसे स्कूलों में खानापूर्ति किया जाता है. कई विद्यालय नामांकन व फॉर्म भरने के केंद्र के रूप में काम करते हैं. इस व्यवस्था ने परीक्षा में कदाचार […]

स्कूलों में पठन-पाठन की नहीं है व्यवस्था
शिक्षाविदों ने रखी बेबाक राय
नवादा (नगर) : मैट्रिक परीक्षा में कदाचार चरम पर है. वर्ष भर पढ़ाई के नाम पर जैसे-तैसे स्कूलों में खानापूर्ति किया जाता है. कई विद्यालय नामांकन व फॉर्म भरने के केंद्र के रूप में काम करते हैं. इस व्यवस्था ने परीक्षा में कदाचार करके पास करने को जैसे मान्यता दे दिया है.
परीक्षा को शांतिपूर्ण व कदाचार मुक्त कराने की जिम्मेवारी सरकार की है, लेकिन जब सरकार अपनी गलती को नहीं मान कर इस पर भी राजनीति करे तो युवाओं की शिक्षा व भविष्य पर सवाल उठना लाजिमी है. प्रभात खबर ने लोगों से बात कर उनके विचार जाने.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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