आसान नहीं कूल्हे का प्रत्यारोपण

नवादा कार्यालय: टीएचआर (टोटल हीप रिप्लेसमेंट) एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन माना जाता है. इनसान के हीप यानी कुल्हा का प्रत्यारोपण करना हर चिकित्सक के बस में नहीं होता है. इसके लिए खास तौर पर चिकित्सकों को ट्रेनिंग दी जाती है. सफल होने के बाद उन चिकित्सकों द्वारा इस प्रत्यारोपण की इजाजत मिलती है. ऐसे ही चिकित्सकों […]

नवादा कार्यालय: टीएचआर (टोटल हीप रिप्लेसमेंट) एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन माना जाता है. इनसान के हीप यानी कुल्हा का प्रत्यारोपण करना हर चिकित्सक के बस में नहीं होता है. इसके लिए खास तौर पर चिकित्सकों को ट्रेनिंग दी जाती है. सफल होने के बाद उन चिकित्सकों द्वारा इस प्रत्यारोपण की इजाजत मिलती है.

ऐसे ही चिकित्सकों का कांफ्रेंस बोधगया में शुक्रवार से हो रहा है. इसमें नवादा के प्रसिद्ध हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ अरविंद कुमार को इस जिले का प्रतिनिधित्व करने के लिए बुलाया गया है. बोधगया में आयोजित दो दिवसीय ऑर्थोपेडिक कांफ्रेंस में देश भर के मशहूर ऑर्थोपेडिक चिकित्सक शामिल हो रहे हैं.

ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ जान मुखोपाध्याय के नेतृत्व में कांफ्रेंस चल रहा है. शुक्रवार को कांफ्रेंस में जाने के पहले डॉ कुमार ने बताया कि प्रदेश में सिर्फ 20 ऐसे ऑर्थो चिकित्सक हैं, जो टीएचआर में सफलता हासिल किये हैं. उसमें वह भी शामिल हैं. उन्होंने बताया कि टीएचआर यानी हिप रिप्लेसमेंट का दर्जन भर सफल ऑपरेशन इस जिले में कर चुके हैं.

उन्होंने बताया कि बोधगया में आयोजित कांफ्रेंस में टीएचआर का प्रयोग कर उसमें बेहतरी लाकर डेवलप करने पर चर्चा होगी. साथ ही उसे और भी सरल बनाये जाने पर लोगों का सुझाव लिया जायेगा. उन्होंने बताया कि कांफ्रेंस में प्रत्यारोपण रिपोर्ट को चिकित्सकों के बीच रखा जायेगा, जिस पर देश भर से आये ऑर्थो चिकित्सक अपना सुझाव देंगे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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