राशन कार्ड से वंचितों का दोबारा होगा सर्वे
नवादा (सदर) : जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) से संबंधित शिकायत उपभोक्ता द्वारा डीएम व उनके समकक्ष पदाधिकारी के कोर्ट में दाखिल करना होगा. इन शिकायतों का फैसला अधिकारी 15 दिनों में करेंगे. इस फैसले के विरुद्ध कोई भी पक्ष राज्य खाद्य आयोग की अदालत में मामला दर्ज कर सकेंगे.
यह बातें राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद अता करीम ने बुधवार को परिसदन में पत्रकारों से कहीं. उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा आरोप की जांच करा कर विभाग के किसी भी पदाधिकारी के विरुद्ध स्थानीय मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के यहां परिवाद को अग्रेसित किया जायेगा. साथ ही उसकी सुनवाई दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 286 के अधीन कार्रवाई की जायेगी.
अध्यक्ष ने कहा कि अपने दौरे के दौरान एसडीओ, डीएसओ, एडीएसओ, एमओ, मध्याह्न् भोजन प्रभारी, को-ऑर्डिनेटर, एसएफसी के प्रबंधक आदि के साथ बैठक आयोजित कर कार्यो की समीक्षा की जायेगी. इसमें खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 एक्ट के तहत खाद्यान्न का वितरण व्यवस्था, उठाव की स्थिति, डोर स्टेप डिलिवरी की स्थिति, संवेदक का आचरण, एसएफसी गोदाम में माप-तौल मशीन की स्थिति, मध्याह्न् भोजन की स्थिति सहित अन्य जानकारी अधिकारी से बैठक में ली जायेगी.
उन्होंने कहा कि राशन कार्ड से वंचितों के लिए पुनरीक्षित सर्वे पर सरकार अमल कर रही है, जिसे जल्द मूर्त रूप दिया जायेगा. सूबे में कोई भी गरीब व असहाय उपभोक्ता खाद्यान्न के लिए राशन कार्ड से वंचित नहीं रहेगा. इसके लिए राज्य सरकार दृढ़ संकल्पित है.
