योजना का लाभ : आरटीइ के तहत जिले के प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे बच्चे
नवादा (नगर) : शिक्षा का अधिकार (आरटीइ) का लाभ जिले के निर्धन बच्चों को भी मिल रहा है. शिक्षा विभाग द्वारा प्राइवेट स्कूलों को प्रस्वीकृति देकर आरटीइ कानून के तहत 25 प्रतिशत नामांकन लेना अनिवार्य कर दिया है.
सभी स्कूलों में पहली कक्षा में नामांकन के लिए यह व्यवस्था शुरू कर दी गयी है. वित्तीय वर्ष 2011-12 से ही जिले के प्राइवेट स्कूलों में आरटीइ के तहत नि:शुल्क पढ़ाई का लाभ दिया जा रहा है. सत्र 2011-12 में दो स्कूलों के 57 बच्चों, सत्र 2012-13 में दो स्कूलों के 630 बच्चे, सत्र 2013-14 में 45 स्कूलों में 696 बच्चों व सत्र 2014-15 में 45 स्कूलों में 742 छात्र-छात्राओं को मुफ्त शिक्षा का लाभ मिल रहा है.
शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के बाद प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई करने का सपना देखना अब बड़ी बात नहीं रह गयी है. सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ चंद्र किशोर यादव ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत नामांकन में बीपीएल परिवारों को प्राथमिकता दिया जाना है. पोषक क्षेत्र के बच्चों को ही अपने स्कूलों में नि:शुल्क पढ़ाने के लिए एडमिशन लेना है.
आरटीइ को अगले वर्ष से 174 स्कूलों में लागू कर दिया जायेगा. इससे पैसे के अभाव में पढ़ाई छोड़ने की समस्या नहीं होगी. जिले में पहले चरण में 50 स्कूलों व बाद में पांच चरणों में 124 स्कूलों को प्रस्वीकृति दी गयी है. आरटीइ कानून के तहत सरकार द्वारा 25 प्रतिशत गरीब बच्चों का नामांकन के बदले में एक मुश्त राशि स्कूलों को उपलब्ध करायी जाती है. सत्र 2011-12 व 2012-13 में प्रति बच्च तीन हजार 72 रुपये उपलब्ध कराये जाते थे. वहीं, सत्र 2013-14 व 2014-15 में प्रति बच्च चार हजार 137 रुपये सालाना स्कूलों को उपलब्ध कराया जा रहा है.
