नवादा कार्यालय : मकर संक्रांति को लेकर शहर की मंडियों में दिन भर खरीदारी करने वालों की भीड़ रही. शहर के किराना दुकान, तिलकुट दुकान व सब्जी बाजार में आपाधापी मची रही.
इस पर्व में इस्तेमाल की जाने वाली खाद्य सामग्रियों का बाजार गरम रहा. वहीं, फुटपाथी तिलकुट दुकानदारों द्वारा दुकानों के अपेक्षा कम दामों में बेचा जा रहा था. मकर संक्रांति के साथ ही शादी-विवाह का लगन भी शुरू होता है. संक्रांति पर पूजा-पाठ में लगने वाली सामग्रियों की बिक्री भी चरम पर रही.
सात साल तक बनी रहेगी यह स्थिति
हिंदी वर्ष के अनुसार इस बार पर पुण्य काल के तर्ज पर मकर संक्रांति मनायी जायेगी. यानी 14 की जगह पर 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनेगा. ज्योतिषाचार्य विद्याधर पांडेय ने बताया कि भौगोलिक दृष्टिकोण से पृथ्वी का गति कम होने लगी है. इसके कारण तिथि में बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने यह स्थिति सात सालों तक रहने की बात कही है. वर्ष 2013 से वर्ष 2019 तक 15 जनवरी को ही मकर संक्रांति का पर्व मनेगा. भगवान सूर्य 14 जनवरी की रात 1:20 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे.
इसलिए यह पर्व 15 जनवरी को मनाया जाना है. मकर राशि सभी 12 राशियों में श्रेष्ठ माना गया है. इस दिन से खरमास जो अशुभ माना जाता है वह समाप्त हो जाता है. इसके बाद सभी प्रकार के शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं. हिंदी के माघ महीना में मकर संक्रांति अत्यंत शुभ माना जाता है. इस पर्व पर लोग तिल दान करते हैं.
